Ahmad Rizvi

सहाबा का एहतराम!

बिरादर मुस्लिम सवाल उठाते हैं कि सहाबा का एहतराम शिया नहीं करते कभी सवाल पूछा कि सहाबा का एहतराम कितना उस वक़्त के लोगो ने किया निम्न नज़ीर देता हूं:- 1. हज़रत अली अलैहिस सलाम अहले बैअत नबी भी है जानशीन रसूल भी है मौला भी सहाबी ए रसूल भी है हज़रत अली को रस्सी से बांधने वाले मुनाफिकों पर खामोश रहते है। नहीं बताओगे कि सहाबा का एहतराम करना चाहिए। 2. हज़रत अबुज़र गफ़ारी का नाम तो सुना होगा उनको सहाबी ही शहर बदर कर रहे सहाबी ही पिटवा रहे हैं। क्यों अब खामोश हो अब नहीं बताओगे सहाबा का एहतराम क्यों नहीं किया। 3. हज़रत हुजर बिन अदी को तशदूद करके जान से मार दिया गया सहाबा के चहीतो तुम्हारी खामोशी तुम्हारी मक्कारी को इन्क़ेशाफ़ कर रही है। सहाबा की आड़ में अहले बैअत नबी, रसूल उल्लाह सल्लल्लाहो अलैह व आले वसल्लम और उनकी आले पाक मुखालफत करना है वरना सहाबा की अज़मत की बात होती अहले बैअत से लड़ने वाले मुनाफिकों के नक़ाब को उतार फेंकते उनका देफा न करते।  

ईरान पर आक्रमण

हज़रत अली अलैहिस सलातो व सलाम का कौल है " जब तुम बोलोगे पहचान लिये जाओगे " 

इसके आधार पर ईरान पर होने वाले अमेरिकी आक्रमण के बारे मे जानने का प्रयास करते है | इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिनअ नेतनयाहू देश छोड़कर भाग गये हैं भागने का कारण है कि अमेरिका के ईरान पर होने वाले सम्भावित हमले के बाद ईरान द्वारा इस्राइल पर होने वाले ज़बरदस्त हमले से इस्राएल के प्रधानमंत्री की जान को खतरा महसूस की वजह से भाग गये |

दूसरी खबर आ रही है क़तर और अन्य खाडी के देशो से अमेरिकी फ़ौजीयों का निकाल लेना ईरान पर होने वाले आक्रमण को बता रहा है |

तीसरी खबर अमेरिका के साजो सामान वारशिप फ़ाईटर् प्लेन की संख्या मे इज़ाफ़ा होना आक्रमण होने की ओर इशारा है |

चौथी बडी खबर ईरान मे गैर मुल्की लोगो को उनके देशो की एडवाईज़री जारी होना कि मुल्क से निकल जाये और ईरान को छोड़ दे जंग की ओर इशारा है |

पांचवी खबर अमेरिका ने 75 देशो के लिये विज़ा देना बन्द कर दिया है | जंग की ओर इशारा कर रहा है |

जंग अगर जुमा तक शुरू हो गयी तो इस्राइल का मिटना और महायुद्ध जंगे अज़ीम का होना तय (निश्चित) है |

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