Ahmad Rizvi

पहला मुनाफिक - इबलीस

  पहला मुनाफिक – इबलीस मुनाफिक के मायने है दोगला , ढोंगी , कपटी वो शख्स जो ज़बान से कुछ और हो और दिल मे कुछ और । इबलीस (शैतान) मलायका के सफ़ों मे पहुँच गया । हज़रत आदम के पुतले और रूह को स्थापित करने तक मे इबलीस के मुनाफिक होने और काफिर होने को अल्लाह सुभान व तआला ने सामने ले आया । लौह-ए-महफ़ूज़ मे फरिश्तों मे एक नाफरमान होने का ज़िक्र किया गया तब तक यह इल्म अल्लाह से मलायका के बीच मे आ   गया तुम मे से एक नाफरमान होगा इस मुनाफ़क़त को अल्लाह रब्बुल आलमीन ने बता दिया एक बात और इस मुनाफिक और   अल्लाह के रसूल की बज़्म मे बैठने वाले मुनाफिको के बारे मे भी अल्लाह को पता है और सूरे मुनाफिक मे उनका ज़िक्र भी कर दिया यह मुनाफिकत का राज कब खुलेगा आगे देखिए जब तक आदम का पुतला बना गया इबलीस की मुनाफ़क़त नहीं खुलती है जैसे ही रूह को फूंकने के साथ सजदा मे चले जाने का हुक्म फरिश्तों को दिया गया सभी फ़रिश्ते सिर्फ इबलीस को छोड़कर सजदे मे चले गए और इस इनकार का अंजाम शैतान को फटकार और लानत के रूप मे तोहफा मिला । अब इबलीस मुनाफिक से सीधा काफिर हो गया । एक बात और तौहीद वालों के लिए इबलीस तौहीद का इनका...

किरदार कुशी

<ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई के किरदार कुशी का जो तरीक़ा इस्राइल की मोसाद और अमेरिका की सी आई ए ने अपने षड्यंत्र को किस तरह पेश कर उसको सूचना का रूप दिया और दुनिया भर की मीडीया ने उस षड्यन्त्र के प्रचार का प्रसार किया | अब सवाल यह है कि ईरान के सुप्रीम लीडर रुस भागने वाले है जहाज़ तैयार है और 20 अन्य लोग जो उनके करीबी है और रिश्तेदार है, उनको लेकर भागने वाले है यह खबर इस्राइल और अमेरिका के द्वारा लीक की जा रही है क्यों ? उसका मुख्य कारण है अमेरिका और इस्राइल मे खौफ़ का होना और अमेरिकन फ़ौजी जानो के बहुत अधिक क़त्ल होने से बचाने के लिये किया गया और दूसरे ईरान की फ़ौज का मनोबल तोड़ने के लिये गलत सूचना का प्रसार करना है कि जब खामनई साहब ही भागे जा रहे है तो फ़िर हमे लड़ने की क्या ज़रूरत? यह है यहूदी और ईसाईयों की साज़िश और किरदारकुशी इसके विपरीत होगा क्या? इसके विपरीत होगा ईरान के अन्दर जो मुसल्ला अफ़राद है उनका क़त्ल किया जायेगा और इसके साथ अगर अमेरिका और इस्राइल हमले की ज़ुर्रत करते है तो मध्य पूर्व मे अमेरिका के सैन्य और अन्य अमेरिकी मफ़ाद को तबाह करने के साथ अमेरिकी फ़ौजीयों को जिस तरह क़त्ल किया जायेगा वो एक तारिख /इतिहास बनेगा/b>

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