Ahmad Rizvi

जंगबंदी और अमेरिका इस्राइल

अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर साज़िश रची जिसमे लेबनान के ईसाई राष्ट्रपति भी शामिल हुवे और हिज़बुल्ला को नेस्त नाबूद की योजना बनाई ईरान को जंगबन्दी का लालीपोप दिया उधर ईरान की नाकाबंदी की और इधर इस्राइल को हिज़बुल्ला पर हमले को हरी झंडी दे दी इसलिए की ईरान के बाज़ूओ को काटा जाये | जंगबन्दी की आड़ मे भी जंग जारी है जंग का रूप बदला है | अमेरिकी बुज़दिल जंग से ज़्यादा मक्कारी पर ज़्यादा तवज्जो देते है  जब लेबनान के कुछ गददार लीडरो और इस्राइल के हिमायतीयों के बीच चर्चा हो रही थी कि हिज़बोल्ला को और उसके अस्लहे को कैसे तबाह किया जाये फ़्रान्स और इस्राइल नवाज़ ईसाई राष्ट्रपति जो इस्राइल के लिये काम कर रहा है इस्राइल से साँठ गाँठ करके हिज़्बोल्ला के खिलाफ़ मोर्चा खुलवाया है और इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि ईसाई और मुसलमानों के बीच खानाजंगी न होने लगे यह खौफ़ यूरोपी ईसाईयों को भी है इन सबसे बेपरवाह होते हुवे अमेरिका इस्राइल ने मिलकर बहुत बडी खौफ़नाक साजिश रची है इस्लाम को मिटाने का जो बीडा 1400 साल पहले यहूदी और ईसाईयों ने रची थी जब अल्लाह के नबी के खिलाफ़ एक लाख फ़ौजो को लेकर चढाई की थी रोम वालो ने तब...

मोसाद और अन्य खुफ़िया एजेन्टो की गिरफ्तारी व क़त्ल

हाल ही मे ईरान पर अमेरिका हमले की प्रचार प्रसार हो रहा था लेकिन इस दौरान अमेरिका की वार मशीनरी को ईरान के इर्द गिर्द पहुँचाया जा रहा है फ़ौज मे इज़ाफ़ा किया जा रहा है जंग मे हमेशा धोखा देना बडा हथियार होता है | अमेरिका बहुत बडा मासूम बनकर इन्सानो से बडी मोहब्बत करने वाला बनकर दुनिया को यह बता रहा है कि ईरान मे प्रदर्शनकारियों की फ़ान्सी नही दी जा रही है इसलिए जंग को रोक दिया है |

क्या यही बात है या कोई और बात है इस बीच कहा जा रहा है कि ईरान के पास परमाणु बम आ चुका है | या ईरान की मिसाईल पावर के कारण जंग को टालना पड़ा है | 

ईरान मे होने वाले प्रदर्शनो मे मोसाद और अन्य देशो के खुफ़िया एजेन्टो का प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर सशस्त्र  संघर्ष करना और इस दौरान अमेरिका की सी आई ए और इस्राइल की मोसाद के एजेन्टो की गिरफ्तारी और उन्के क़त्ल होने की आशंका से अमेरिका और इस्राइल भयभीत हो गये हैं और इन एजेन्टो की जान को खतरा मे देखकर अमेरिका जंग को टाल रहा है लेकिन यह टालना कब तक हो सकता है |

अमेरिका और मोसाद के एजेन्टो के साथ क्या हो रहा होगा यह कल्पना ही किया जा सकता है |

यह वही अमेरिका है जिसने जापान पर परमाणु बम मार कर लाखो लोगो का क़त्ल किया और लाखो को घायल किया था  लाखो अफ़्गान बेगुनाहो का क़त्ल किया इराक़ मे क़त्ल ए आम किया सीरिया लिबिया यमन मे क़त्ल ए आम किया लगातार गाज़ा मे मासूम फ़िलिस्तीनीयों के क़त्ले आम करने के लिए इस्राइल को घातक हथियार आपूर्ति की आज उसका दिल रहम से भर गया ईरानीयों के लिये या हज़ारो की तादाद मे मोसाद और सी आई ए के पकड़े गये गिरफ़्तार हुवे एजेन्टो के लिए अभी और न जाने कितने एजेन्ट पकड़े जाएंगे और कितने एजेन्ट क़त्ल किये जा चुके होंगे और अन्य कितने एजेन्ट क़त्ल होने की कगार पर होंगे ऐसे मे मोसाद चीफ़ का अमेरिका जाना और नेतनयाहू का कहना कि उन्होने जंग को ऐन वक़्त रुक्वा दिया तो यह जंग का रुक्वाना ईरान की हमदर्दी मे किया गया प्रदर्शनकारियों के खैर ख्वाही के लिये किया ऐसा सोच रहे हैं तो आप गलत है अमेरिका और इस्राइल इस वक़्त सबसे ज्यादा परेशान है तो मोसाद और सी आई ए के लोगो की गिरफ्तारी और उनके क़त्ल से ऐसा नाचीज़ की राय है |

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