Ahmad Rizvi

काफ़िर

  हर धर्म /मज़हब (religion)  ने अपने विरोधीयों के लिये कुछ न कुछ कहा है वो चाहे यहूदी हो ईसाई हो हिन्दू हो या इस्लाम हो | लेकिन पूरी दुनिया मे जो हंगामा काफ़िर लफ़्ज़ के साथ होता है वो दूसरे किसी और धर्म मे दिये गये शब्द पर नही किया जाता है | इसका कारण दूसरे धर्मो की जानकारी न होना है | इस्लाम मे काफ़िर किसे कहा गया है?  अक्सर लोगो ने काफ़िर का जो अर्थ बताया है उस मे अल्लाह का इंकार करने वाले को काफ़िर होना बताया गया है | यह हो सकता है लेकिन सुरे काफ़िरून मे रब का कलाम  " कह दिजिये काफ़िरो से  नही है अब्द (इबादत करने वाले) उसके जो तुम्हारा आराध्य ( माबूद) है |और न तुम इबादत करते हो जो मेरा आराध्य है | यहाँ काफ़िर होना अल्लाह को न मानने वाले के साथ वो भी काफ़िर है जो अल्लाह को छोड़ कर किसी अन्य को इबादत करता है इसमे दुनिया भर के अलग अलग आराध्य को मानने वाले लोग आ गये | एक और सवाल पैदा होता है वो यह कि ईसाई और यहूदी तो एक खुदा मानते है फ़िर यह दोनो भिन्न कैसे हो गये?  ईसाई यहूदी और मुसलमानों का खुदा तो एक है मगर खुदा को जिस चश्मे से देखते है वो चश्मा या नज़रिया अलग अलग ह...

मोसाद और अन्य खुफ़िया एजेन्टो की गिरफ्तारी व क़त्ल

हाल ही मे ईरान पर अमेरिका हमले की प्रचार प्रसार हो रहा था लेकिन इस दौरान अमेरिका की वार मशीनरी को ईरान के इर्द गिर्द पहुँचाया जा रहा है फ़ौज मे इज़ाफ़ा किया जा रहा है जंग मे हमेशा धोखा देना बडा हथियार होता है | अमेरिका बहुत बडा मासूम बनकर इन्सानो से बडी मोहब्बत करने वाला बनकर दुनिया को यह बता रहा है कि ईरान मे प्रदर्शनकारियों की फ़ान्सी नही दी जा रही है इसलिए जंग को रोक दिया है |

क्या यही बात है या कोई और बात है इस बीच कहा जा रहा है कि ईरान के पास परमाणु बम आ चुका है | या ईरान की मिसाईल पावर के कारण जंग को टालना पड़ा है | 

ईरान मे होने वाले प्रदर्शनो मे मोसाद और अन्य देशो के खुफ़िया एजेन्टो का प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर सशस्त्र  संघर्ष करना और इस दौरान अमेरिका की सी आई ए और इस्राइल की मोसाद के एजेन्टो की गिरफ्तारी और उन्के क़त्ल होने की आशंका से अमेरिका और इस्राइल भयभीत हो गये हैं और इन एजेन्टो की जान को खतरा मे देखकर अमेरिका जंग को टाल रहा है लेकिन यह टालना कब तक हो सकता है |

अमेरिका और मोसाद के एजेन्टो के साथ क्या हो रहा होगा यह कल्पना ही किया जा सकता है |

यह वही अमेरिका है जिसने जापान पर परमाणु बम मार कर लाखो लोगो का क़त्ल किया और लाखो को घायल किया था  लाखो अफ़्गान बेगुनाहो का क़त्ल किया इराक़ मे क़त्ल ए आम किया सीरिया लिबिया यमन मे क़त्ल ए आम किया लगातार गाज़ा मे मासूम फ़िलिस्तीनीयों के क़त्ले आम करने के लिए इस्राइल को घातक हथियार आपूर्ति की आज उसका दिल रहम से भर गया ईरानीयों के लिये या हज़ारो की तादाद मे मोसाद और सी आई ए के पकड़े गये गिरफ़्तार हुवे एजेन्टो के लिए अभी और न जाने कितने एजेन्ट पकड़े जाएंगे और कितने एजेन्ट क़त्ल किये जा चुके होंगे और अन्य कितने एजेन्ट क़त्ल होने की कगार पर होंगे ऐसे मे मोसाद चीफ़ का अमेरिका जाना और नेतनयाहू का कहना कि उन्होने जंग को ऐन वक़्त रुक्वा दिया तो यह जंग का रुक्वाना ईरान की हमदर्दी मे किया गया प्रदर्शनकारियों के खैर ख्वाही के लिये किया ऐसा सोच रहे हैं तो आप गलत है अमेरिका और इस्राइल इस वक़्त सबसे ज्यादा परेशान है तो मोसाद और सी आई ए के लोगो की गिरफ्तारी और उनके क़त्ल से ऐसा नाचीज़ की राय है |

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