Ahmad Rizvi

मस्जिद का मुंहादिम किया जाना

 सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में मस्जिद को सरकार के द्वारा मुनहदीम कर दिया गया ज़िला जज ने अगर अपील खारिज कर दी तब भी हाई कोर्ट में अपील का अवसर था आनन फानन में मस्जिद का तोड़ना मुस्लिमों के अवसर को ही समाप्त करना नहीं है बल्कि सविंधान और कानून की दुहाई देते रहिए अगर कानून का पालन कराने वाला ही बेइमान हो और कानून के पालन से इंकार कर दे या कानून का पालन न करे तो बताते रहिए सविंधान में यह लिखा है और संविधान अल्पसंख्यको को अधिकार देता है अपने religion के पालन करने को यह सब देश के बाहर के लोगो को बताने के लिए तो अच्छा है मगर देश के मुस्लिमों के लिए नहीं वो भी तब जब जयपुर में मस्जिद को मुंहादिम किया उज्जैन में मस्जिद को मुंहादिम किया गया उत्तराखंड बिहार बंगाल आदि जगहों से मस्जिदों को सरकार द्वारा मुंहादिम किया जा रहा हो 

आर एस एस के सदस्य

आर एस एस के सदस्य चोर डाकू अपराधी से लेकर जज पुलिस कमिश्नर मंत्री मुख्य मंत्री प्रधान मंत्री गृह मंत्री स्पीकर सेना के अधिकारी और जवान हो सकते संस्था का पंजीकरण नहीं है और सदस्यों का कोई रजिस्टर नहीं है ऐसे में किसी अपराधी सदस्य को आसानी से कहा जा सकता है कि यह आर एस एस का सदस्य नहीं है इसके सदस्य आला से आला ओहदे पर पहुंचने के बाद और संविधान की शपथ लेने के बाद उसके खिलाफ काम करते हैं और अपने संस्था के प्रति वफादार रहते हैं यह भारत का डीप स्टेट है इसको प्रतिबंधित करने की स्थान पर इसमें प्रधान मंत्री से लेकर मुख्य मंत्री और अन्य सदस्य हिस्सा लेते है

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

इंजील मे इमाम हुसैन का ज़िक्र

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

गोग और मगोग (याजूज और माजूज)