Ahmad Rizvi

भूकम्प (ज़लज़ला)

चित्र
               भूकम्प (ज़लज़ला) सूरे ज़िलज़लाह  आयत संख्या 1 “ इज़ा ज़ुलज़लाती अर्ज़ ज़िलज़लाह ” जब ज़मीन ज़ोरों से हिला दी जाएगी । कुरान मजीद हर दौर (सब ज़माने/ वक़्त/ युग ) के लिए है भूकम्प या ज़लज़ला के बारे मे जैसा कुरान हकीम मे उल्लेख किया गया है वैसा कहीं और नहीं है पिछले दौर मे भूकम्प आए होंगे हाल मे भी भूकंप आते है और आने वाले समय मे भी भूकम्प आएंगे लेकिन जिस दौर के भूकम्प का जिक्र किया जा रहा है उस के बारे मे आगे आयत बता रही है कि ज़मीन खज़ाने (लफ़्ज़ अखरज़ात का जिक्र किया जिसका अर्थ है खर्च होने वाली चीजे का निकलना जैसे कोयला गैस पेट्रोल डीज़ल सोना कोबाल्ट आदि) उगल देगी । उस वक़्त के ज़मीन के ज़ोरों से हिला देने का जिक्र किया गया है । ज़मीन के हिलाने का ज़िक्र जो किया गया है उसमे यह नहीं कहा गया है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त के हुक्म से भूकम्प आएगा मलाएका या जिन्न  के कारण आएगा या आदमी के द्वारा बनाए गये असलहे के कारण होगी इन सब से भूकम्प या जलजला आ सकता है लेकिन सच्ची किताब ने आने वाले वक़्त मे जो जिक्र किया है उसे आज की दुनिया मे समझा जा सकता है पहले के...

भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित है... अमित शाह

भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित है.... अमित शाह उनकी इस बात से हम लोग सहमत नहीं है अल्पसंख्यक में जो गिने जाते है 1. बौद्ध 2. जैन 3. पारसी 4. मुस्लिम 5. ईसाई 6. सिख है इसमें बौद्ध पारसी जैन तो अपने को सुरक्षित कह सकते है मगर मुस्लिम और ईसाई सुरक्षित नहीं है और विशेषकर मुसलमानों के खिलाफ तो पूरा सिस्टम ही दुश्मन जैसा व्यवहार कर रहा है 1. मस्जिद और मज़ार तोड़े जा रहे हैं नमाज़ सड़क पर पढ़ने या छत पर पढ़ने पर पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द करने की धमकी 2. मुस्लिमों के घर को बिना नक्शे का बताकर तोड़ना वैसा हिंदूओ के साथ न करना 3. मुस्लिमों को नजरबंद करना 4. मॉब lynching में अब तक सैकड़ों मुस्लिमों का कत्ल किया जाना 5. मुस्लिमों का नरसंहार करना हाशिमपुरा, भागलपुर, गुजरात muzzafarnagar और न जाने कितने नरसंहार जो सरकार की मंशा के अनुसार या सरकार के संरक्षण में मुस्लिम नरसंहार हुए इन कारणों से हम लोग सहमत नहीं है अमित शाह के बयान से कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित है

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

इंजील (बाइबल ) मे मोहम्मद मुस्तफा रसूलउल्लाह का उल्लेख