Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

चित्र
                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित है... अमित शाह

भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित है.... अमित शाह उनकी इस बात से हम लोग सहमत नहीं है अल्पसंख्यक में जो गिने जाते है 1. बौद्ध 2. जैन 3. पारसी 4. मुस्लिम 5. ईसाई 6. सिख है इसमें बौद्ध पारसी जैन तो अपने को सुरक्षित कह सकते है मगर मुस्लिम और ईसाई सुरक्षित नहीं है और विशेषकर मुसलमानों के खिलाफ तो पूरा सिस्टम ही दुश्मन जैसा व्यवहार कर रहा है 1. मस्जिद और मज़ार तोड़े जा रहे हैं नमाज़ सड़क पर पढ़ने या छत पर पढ़ने पर पासपोर्ट और लाइसेंस रद्द करने की धमकी 2. मुस्लिमों के घर को बिना नक्शे का बताकर तोड़ना वैसा हिंदूओ के साथ न करना 3. मुस्लिमों को नजरबंद करना 4. मॉब lynching में अब तक सैकड़ों मुस्लिमों का कत्ल किया जाना 5. मुस्लिमों का नरसंहार करना हाशिमपुरा, भागलपुर, गुजरात muzzafarnagar और न जाने कितने नरसंहार जो सरकार की मंशा के अनुसार या सरकार के संरक्षण में मुस्लिम नरसंहार हुए इन कारणों से हम लोग सहमत नहीं है अमित शाह के बयान से कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित है

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

खतना