Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

हिंसा और हथियार

हिंसा और हथियार से बदलाव नहीं आ सकता..... अमित शाह क्या उनकी इस बात से सहमत हुआ जा सकता है हम लोग इस बात से सहमत नहीं है हिंसा और हथियार से ही बदलाव अमित शाह भी ला रहे है बस अन्तर यह है कि जिन को मिटाया जा रहा है उनकी संख्या और हथियार कम है जो मिटा रहे हैं उनकी संख्या हथियार संसाधन पर्याप्त है इस लिए यह कहना बिल्कुल गलत है कि हिंसा और हथियार से बदलाव नहीं लाया जा सकता पूर्व में बहुत से उदाहरण है जैसे बाबर के पास उन्नत तोप ने जंग के नक्शे को बदल दिया, अंग्रेजों के आधुनिक हथियार, जापान पर परमाणु हथियार गिराना अफगानिस्तान इराक सीरिया और लीबिया को हिंसा और हथियारों के द्वारा लूटा गया इसलिए हम लोग अमित शाह के बयान से सहमत नहीं हैं

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