Ahmad Rizvi

यज़ीद का अक़ीदा क्या था?

 इस बात को जानने की कोशिश करते है कि यज़ीद पलीद लानत उल्लाह अलैह का अक़ीदा क्या था? सबसे पहले कर्बला में होने वाली जंग के बाद जो वाक्य उसने कहा उससे तो उसके काफ़िर होने में कोई सन्देह नहीं है।" आज मेरे पूर्वज जो जंगे बद्र और जंगे उहद में मारे गये खुश हो जाते । इससे एक बात तो तय है कि यज़ीद जंगे बद्र और जंगे उहद को जानता था इसके साथ उसके जो मक़तूलीन थे वो काफ़िर थे यह भी जानता था और उसका रसूल उल्लाह का इंकार फ़रिश्तों के नुज़ूल का इंकार किताब उल्लाह का इंकार और यह कहना कि यह सब बनी हाशिम का ढोंग था हुकूमत हासिल करने के लिए इन सब के साथ इस के बाप और दादा अबूसूफियान जो हमेशा काफ़िर रहे और फतेह मक्का में अपनी जान की अमान हासिल की और इससे पहले इस्लाम को मिटाने में अपनी मुख्य भूमिका निभा चुके थे इस्लाम में दाखिले के बाद मौला अली को रसूल ए खुदा ने वही हैसियत अता की जो रिसालत माब की है इसके बाद माविया बागी ए इस्लाम हो गया और काफ़िर हो गया उसका अक़ीदा उस्मान के साथ जुड़ा जो बनी उमैया का फर्द था और उसने मुखालफत की रिसालत माब की और अपने रिश्तेदारों को मरवान और हक़म जिनको शहर बदर किया था रिसालत माब न...

तबर्रा

 

                                         तबर्रा

तबर्रा कया है ? तबर्रा का अर्थ बरात से है । बरात के मायने है अलग करना है । सबसे पहले अल्लाह सुभान व तआला ने इबलीस को अलग (बारात) किया जब उसने (शैतान) आदम का सजदा करने से इंकार किया था ।

कलमा ला इलाहा इललल्लाह इसमे अलग किया गया “ला इलाहा “ कोई इलाहा (पूज्य /इबादत) नहीं सिर्फ अल्लाह के ला इलाह बरात करने का बड़ा सवाब है ।

सूरा अत- तौबा (आयत नं. 1 और 2) अल्लाह और उसके रसूल की ओर से उन मुशरीकों (शिर्क करने वालों) से जिन से तुमने अहद कर रखा था बेज़ारी है ।

तो मुशरीकों जमीन मे चार महीने चल फिर लो और जान रखो कि तुम अल्लाह को आजिज़ न कर सकोगे और यह भी कि अल्लाह काफिरों को रुसवा करने वाला है ।

लोगों ने तबर्रा को गाली देना समझ लिया है तबर्रा का मतलब है बरात करना, अलग करना, दूरी बनाना है । अल्लाह सुभान व तआला ने लानत भेजी है शैतान मरदूद पर, लानत भेजी है झूठों पर, लानत भेजी है दुश्मनाने मोहम्मद सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम पर अब यह लानत भेजना बरात करना है हर बुराई से बरात करना दूरी अख्तियार करना खुद को अलग करना तबर्रा है ।  

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