Ahmad Rizvi
तबर्रा
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तबर्रा
तबर्रा कया है ? तबर्रा का
अर्थ बरात से है । बरात के मायने है अलग करना है । सबसे पहले अल्लाह सुभान व तआला ने
इबलीस को अलग (बारात) किया जब उसने (शैतान) आदम का सजदा करने से इंकार किया था ।
कलमा ला इलाहा इललल्लाह इसमे
अलग किया गया “ला इलाहा “ कोई इलाहा (पूज्य /इबादत) नहीं सिर्फ अल्लाह के ला इलाह बरात
करने का बड़ा सवाब है ।
सूरा अत- तौबा (आयत नं. 1 और
2) अल्लाह और उसके रसूल की ओर से उन मुशरीकों (शिर्क करने वालों) से जिन से तुमने अहद
कर रखा था बेज़ारी है ।
तो मुशरीकों जमीन मे चार महीने
चल फिर लो और जान रखो कि तुम अल्लाह को आजिज़ न कर सकोगे और यह भी कि अल्लाह काफिरों
को रुसवा करने वाला है ।
लोगों ने तबर्रा को गाली देना
समझ लिया है तबर्रा का मतलब है बरात करना, अलग करना, दूरी बनाना है । अल्लाह सुभान
व तआला ने लानत भेजी है शैतान मरदूद पर, लानत भेजी है झूठों पर, लानत भेजी है दुश्मनाने
मोहम्मद सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम पर अब यह लानत भेजना बरात करना है हर बुराई से
बरात करना दूरी अख्तियार करना खुद को अलग करना तबर्रा है ।
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