Ahmad Rizvi

पत्रकारिता (सहाफ़त) की आड मे जासूसी

 अफ़्गनिस्तान मे रशीद दोस्तम को क़ातिल एक पत्रकार बनकर आया और क़त्ल कर दिया | ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई को स्पीच देने के दौरान किसी नामालूम सहाफ़ी ने बम नस्फ़ कर दिया था जिसमे आपका एक हाथ माज़ूल हो गया था |  ईरान मे यहूदी महिला जासूस ने सहाफ़ी बनकर किस तरह अपने ताल्लुक़ात को कायम किया कि तमाम फ़ौजी जनरलो के साथ साथ सुप्रीम लीडर से भी मुलाक़ात की और तमाम फ़ौजी जनरलो की सूचना और पते मोसाद और इस्राइल को पहुंचाती रही | लगातार इस्राइल सहाफ़ीयों का क़त्ल कर रहा है उसका मुख्य कारण यह है कि इस्राइल खुद अपने जासूसो को सहाफ़ी बनाकर भेजता है और दुनिया भर के सहाफ़ीयों का इस्तेमाल वो जासूसी के लिए करता है और जहां इस्राएल नही पहुंच पाता है वहां  अपने दोस्त देशो के सहाफ़ीयों का इस्तेमाल करता है  हाल ही मे अपने देश भारत मे भी सहाफ़ी और यूटयुबर ज्योति मेहरोत्रा को जासूसी के आरोप मे गिरफ़्तार किया गया | इस्राइल के जासूसो को अगर पकड़ना है तो इस्राइल समर्थक सहाफ़ीयों पर कडी नज़र रखनी होगी! 

कयामत

astroid के टकराने से प्रथ्वी के नष्ट होने और मानव जाति का अस्तित्व मिट जाने का यकीन कुफ्फार को भी अगर यकीन नही है तो कयामत पर कुरान मजीद में कयामत के बारे में दिया गया है " जब उसे (कयामत) को आता हुआ देखेगें तो उसे हटा भी नहीं सकेंगे। यहां पर गौर और फिक्र की बात है "पहली बात यह है कि कयामत को आता हुआ देखेगें और इसे हटा नहीं सकेंगे " 1400 साल पहले astroid और उसके टकराने को कौन जान सकता था दूसरी बात science की तरक्की का उल्लेख है जिस से यह बताया गया है कि उसे हटा पाने मे मजबूर होंगे जबकि आज के दौर मे satellite को तोड़ने वाली मिसाइल है मगर यह मिसाइल या अन्य हथियार के नकारा होने का उल्लेख किया गया है लेकिन कयामत को यकीन के साथ देखेंगें

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