Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

VICTORY DAY/ विजय दिवस और इमरान खान

विक्ट्री डे या विजय दिवस रूस द्वारा 09 मई को इसलिए मनाया जाता है कि रूस ने नाजी जर्मनी को हराया था और 09 मई 1945 से विक्ट्री डे के रूप मे मनाती आयी है । लेकिन 09 मई 2023 के विक्ट्री डे मे क्या विशेष था और इस दिन को अमेरिका ब्रिटेन आतंकी देश इस्राइल के साथ पाकिस्तान की सरकारों और खुफिया एजेंसी अर्थात CIA, MOSSAAD MI6 के साथ ISI ने बहुत बड़ी साजिश रची और वह साजिश थी कि उसी दिन इमरान खान को गिरफ्तार करके दुनिया को यह दिखाना था कि अमेरिका ब्रिटेन और इस्राइल की योजना के खिलाफ अगर कोई काम करेगा तो उसका अंजाम क्या होगा यह दुनिया को दिखाना था । इमरान खान को इबरत बनाने के पीछे उनका पूर्व मे क्या गया रूस को समर्थन देना था जिस दिन अर्थात 24 फरवरी 2022 को जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया उसी दिन इमरान खान मास्को मे थे और रूस को समर्थन दे रहे थे । 09 मई 2023 को इमरान खान को गिरफतार करने के बाद मौका देखकर इमरान खान को कत्ल करने की आशंका थी और है उसका बड़ा कारण यह है इस कत्ल को कराने मे उपरोक्त पाकिस्तान दुश्मन देश का पूर्ण समर्थन शहबाज़ को प्राप्त है । पाकिस्तान दुश्मन देश ने यह समर्थन अपने वक्तव्य के द्वारा दे चुके है । अब पाकिस्तान दुश्मन देश के निर्देश पर वहां की अदलिया /judiciary के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की जा रही है । इमरान खान की गिरफ़्तारी के सम्बन्ध मे और उसके बाद होने वाले गृह युद्ध के बारे मे शहबाज़ और आर्मी चीफ दोनों जानते थे इसलिए शहबाज़ शरीफ देश छोड़कर लंदन भाग गये और आर्मी चीफ खाड़ी के देश चले गए इन दोनों को हालात का पता था । शहबाज़ की सरकार बनाने मे क्योंकि इन पाकिस्तान दुश्मन ताकतों ने बड़ी मदद की थी उसका एहसान के तहत गुलामी करनी है और अपने आकाओ का हुक्म मानते हुए इमरान खान की ज़िन्दगी को खत्म करना है । लंदन मे भगौड़ा नवाज़ शरीफ और उसका भाई शहबाज़ शरीफ पाकिस्तान दुश्मन ताकतों और आतंकी देश इस्राइल के साथ मिलकर पाकिस्तान अवाम के साथ दुश्मनी कर रहे है और पाकिस्तान अवाम को सज़ा देने के लिए आतंकी देश इस्राइल के साथ मिलकर महगाई को बेतहाशा बढ़ा दिया । इन चोरों जिसमे पाक आर्मी भी है इनके महल ब्रिटेन और अमेरिका मे है । इस घटना के द्वारा दुनिया को पैगाम दे रहे थे कि जो रूस के साथ है उसका हश्र क्या होगा । मगर रूस के साथ एक और देश चीन है अब देखना यह है अमेरिका के इशारों पर पाकिस्तान कब चीन की पीठ मे छुरा घोंपेगा ।

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