Ahmad Rizvi

पत्रकारिता (सहाफ़त) की आड मे जासूसी

 अफ़्गनिस्तान मे रशीद दोस्तम को क़ातिल एक पत्रकार बनकर आया और क़त्ल कर दिया | ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई को स्पीच देने के दौरान किसी नामालूम सहाफ़ी ने बम नस्फ़ कर दिया था जिसमे आपका एक हाथ माज़ूल हो गया था |  ईरान मे यहूदी महिला जासूस ने सहाफ़ी बनकर किस तरह अपने ताल्लुक़ात को कायम किया कि तमाम फ़ौजी जनरलो के साथ साथ सुप्रीम लीडर से भी मुलाक़ात की और तमाम फ़ौजी जनरलो की सूचना और पते मोसाद और इस्राइल को पहुंचाती रही | लगातार इस्राइल सहाफ़ीयों का क़त्ल कर रहा है उसका मुख्य कारण यह है कि इस्राइल खुद अपने जासूसो को सहाफ़ी बनाकर भेजता है और दुनिया भर के सहाफ़ीयों का इस्तेमाल वो जासूसी के लिए करता है और जहां इस्राएल नही पहुंच पाता है वहां  अपने दोस्त देशो के सहाफ़ीयों का इस्तेमाल करता है  हाल ही मे अपने देश भारत मे भी सहाफ़ी और यूटयुबर ज्योति मेहरोत्रा को जासूसी के आरोप मे गिरफ़्तार किया गया | इस्राइल के जासूसो को अगर पकड़ना है तो इस्राइल समर्थक सहाफ़ीयों पर कडी नज़र रखनी होगी! 

अमेरिका के लिए पाकिस्तान का महत्व:1

अमेरिका के लिए पाकिस्तान का महत्व पाकिस्तान के निर्माण के साथ ही आरंभ हो चुका थााााा भू राजनैतिक के अनुसार पाकििस्तान की सीमा पूर्व में एक और भारत और चीन के साथ दूसरी ओर उत्ततर में अफगानिस्तान के साथ और पश्चिम में ईरान के साथ जुड़ती है गिरगिट की हवाई अड्डे से लगभग 15 सेे ज्यादा देशों की हवाई निगरानी की जा सकती है सन 1979 में अफगानिस्तान में सोवियत संघ के फौजी दखल के साथ ही अमेरिका ब्रिटेन सऊदी अरब और अन्यय देश सक्रिय होो गए सन 1979 में एक और बड़ी घटना घटी बड़ी घटना घटी और वह घटना ईरान के राजा रजा शाह पहलवी का सत्ता पलट था और इसा तख्ता पलट के साथ आयतुल्लाह कुमाऊनी की हुकूमत नए सिरे से पावर में आ चुकी थी रजा शाह पहलवी की हुकूमत का पलटना अमेरिका केेेे लिए बहुत बड़ा झटका था यह झटका ईरानी तेल से अमेरिका की पहुंच को खत्म करना भी बताया गया है ईरान को घेरनेे के लिए अमेरिका नेे जो देश तूने थे उसमें तीन देशों कीी सीमा ईरान से लगती थी पहली सीमा इराक से जोड़ती है अफगानिस्तान से जुड़तीी है पाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान से जोड़ती है इराक से ईरान की जंग को कराना आरंभ कर दिया गया था और दूसरी ओर सोवियत संघ के हाथ में के लिए अमेरिका ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और आतंकवाद कोो मजहबी देने के लिए उन्हें मुजाहिदीन कहा इस आतंकवाद को वित्तीय सहायता पहुंचाई सऊदी अरब हथियारों की सप्लाई करने वाले देश अमेरिका ब्रिटेन फ्रांस आदि थे और मैन पावर की सप्लाई पाकिस्ता्तान ने की थी एक लंबी दिन के बाद अफगानिस्तान में सोवियत संघ के वर्चस्व खत्म कर दिििया गया था और इसके साथ ही सन 1991 मैं सोवियत संघ के 15 देशों में बट गया जिन्होंने सोवियत संघ से आजादी हासिल करके हासिल करके नए देश देश के रूप मेंं विश्व के मानचित्र में मैं उभर आय जिसमें कई मुस्लिम ली जा सकती है अस्तित्व में आ गई जैसे तुर्कमेनिस्तान किर्गिस्तान उज़्बेकिस्तान अज़रबैजान कजाकिस्तान तजाकिस्तान है

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