Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

अमेरिका के लिए पाकिस्तान का महत्व:1

अमेरिका के लिए पाकिस्तान का महत्व पाकिस्तान के निर्माण के साथ ही आरंभ हो चुका थााााा भू राजनैतिक के अनुसार पाकििस्तान की सीमा पूर्व में एक और भारत और चीन के साथ दूसरी ओर उत्ततर में अफगानिस्तान के साथ और पश्चिम में ईरान के साथ जुड़ती है गिरगिट की हवाई अड्डे से लगभग 15 सेे ज्यादा देशों की हवाई निगरानी की जा सकती है सन 1979 में अफगानिस्तान में सोवियत संघ के फौजी दखल के साथ ही अमेरिका ब्रिटेन सऊदी अरब और अन्यय देश सक्रिय होो गए सन 1979 में एक और बड़ी घटना घटी बड़ी घटना घटी और वह घटना ईरान के राजा रजा शाह पहलवी का सत्ता पलट था और इसा तख्ता पलट के साथ आयतुल्लाह कुमाऊनी की हुकूमत नए सिरे से पावर में आ चुकी थी रजा शाह पहलवी की हुकूमत का पलटना अमेरिका केेेे लिए बहुत बड़ा झटका था यह झटका ईरानी तेल से अमेरिका की पहुंच को खत्म करना भी बताया गया है ईरान को घेरनेे के लिए अमेरिका नेे जो देश तूने थे उसमें तीन देशों कीी सीमा ईरान से लगती थी पहली सीमा इराक से जोड़ती है अफगानिस्तान से जुड़तीी है पाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान से जोड़ती है इराक से ईरान की जंग को कराना आरंभ कर दिया गया था और दूसरी ओर सोवियत संघ के हाथ में के लिए अमेरिका ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और आतंकवाद कोो मजहबी देने के लिए उन्हें मुजाहिदीन कहा इस आतंकवाद को वित्तीय सहायता पहुंचाई सऊदी अरब हथियारों की सप्लाई करने वाले देश अमेरिका ब्रिटेन फ्रांस आदि थे और मैन पावर की सप्लाई पाकिस्ता्तान ने की थी एक लंबी दिन के बाद अफगानिस्तान में सोवियत संघ के वर्चस्व खत्म कर दिििया गया था और इसके साथ ही सन 1991 मैं सोवियत संघ के 15 देशों में बट गया जिन्होंने सोवियत संघ से आजादी हासिल करके हासिल करके नए देश देश के रूप मेंं विश्व के मानचित्र में मैं उभर आय जिसमें कई मुस्लिम ली जा सकती है अस्तित्व में आ गई जैसे तुर्कमेनिस्तान किर्गिस्तान उज़्बेकिस्तान अज़रबैजान कजाकिस्तान तजाकिस्तान है

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