Ahmad Rizvi

गोग और मगोग (याजूज और माजूज)

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    गोग और मगोग (याजूज और माजूज) एक हज़ार साल पूरा होने पर शैतान क़ैद से छोड़ दिया जायेगा । वह प्रथ्वी के चारों कोनों की जातियों को अर्थात याजूज और माजूज को भरमाने और उनको एकत्रित करके जंग करने निकलेगा । उनकी गिनती समुद्र के बालू के सद्रश होगी । उन्होंने सम्पूर्ण प्रथ्वी पर निकाल कर पवित्र लोगों की छावनी और प्रिय नगरी को घेर लिया । तब स्वर्ग से आग ने गिरकर उन्हे भस्म कर दिया । उनको भरमाने वाला शैतान उस अग्नि और गंधक की झील मे डाल दिया गया जहां वह पशु और झूठा नबी भी डाले गए थे । वे अनंत काल तक दिन – रात पीड़ा मे तड़पते रहेंगे । (इंजील : प्रकाशीतवाक्य 20:7 -10) टिप्पणी : 1. एक हज़ार साल पूरा होने पर शैतान क़ैद से छोड़ दिया जायेगा । इसको हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफा सलल्लाहों अलैह व आले वसल्लम के दुनिया से रुखसत सन 632 मे हुवे आपके दुनिया से जाने के एक हज़ार साल बाद अर्थात सन 1632 होते है अंग्रेजों को आक्रमण इसी दौर मे शुरू हुवा । 2. शैतान याजूज और माजूज को इकट्ठा करेगा पूरी दुनिया से और जंग करने निकलेगा याजूज और माजूज को इकट्ठा करने के लिए कहा गया है और कुरान मजीद मे यहूदीयों को पूरी दुनि...

अमेरिका के लिए पाकिस्तान का महत्व :3

अगर अमेरिका के सम्बन्ध पूर्णतया पाकिस्तान से खराब हो जाए तो इसका भरपूर लाभ मिलेगा चीन को, ईरान को, मध्य एशिया के देशो को, और रूस को मिलेगा जिससे अमेरिका को बहुत बड़ी हानि पहुंच सकती है, अमेरिका को अफगानिस्तान में अपनी सेना की भारी नुकसान को रोक पाना बहुत मुश्किल होगा इसमें चीन, रूस, मध्य एशिया के देश ईरान और पाकिस्तान के द्वारा अफगानिस्तान मे अमेरिकन और अन्या ईसाई फौजो पर भारी हमले होने आरम्भ हो जायेंगे जिससे अमेरिकन और ईसाई फौजो के कत्ल की ज़िम्मेदारी कोई भी नहीं लेगा और यह पता भी नहीं चलेगा कि किस देश ने हमला कराया। पाकििस्तान केे रुस के साथ अच्छे सम्बन्ध होने से रुस की पहुंच अरब सागर तक हो गई हैं चीन के गवादर मेे पोर्ट बनाने या C. P. E.C. china Pakistan economic corridor के बनने से चीन की पहुुंच अरब सागर तक हो गई है अफगानिस्तान मेंं अमेरिका देशों की मदद करने वाली फौज बुरी तरह घिर चुकी है दूसरी ओर ईरान को घेेेेरने की जो रूपरेखा ईसाई फौजों द्वारा बनाया गयाा है जिसमें ईसाई फौजीी का सीरिया और इराक में उपस्थिति ईरान को घेरने में की गई और अफगानिस्तान से ईरान को घेरने की कोशिश की गई है ईरान को अपनी रक्षा करनेे के लिए कुछ प्रोएक्टिव कदम उठानेेेेेेेेे पड़ेंगे और यह कदम ईसाई फौजियों को भारी नुकिसान पहुंचाना होगा इन ईसाई फौौजो का भारीी नुुुकसान न केवल अफगानिस्तान में बल्कि इराक और सीरिया मे भी करना पड़ेगा यदि ईसाई फौजेे ईरान को बडे पैमानो पर उकसाती हैै तो समपूर्ण मध्य पूर्व एशिया मे ईसाई फौजो कोो बहुुत बड़े पैमाने पर हमला करना होगा और समुदरो मे भी ईसाई फौज को हरााााना नान होगा और यह खौफ भरना होोोगा गकि ईरान पर हमले के नतीजे में वह बहुत बड़ा नुकसान उठााााना पडेगा ।

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