पश्चिमी देशो के मानवाधिकार के ढोंग!
मानवाधिकार का मामला हो या अन्य कोई मामला उसको पश्चिमी देश तभी उठाते है जब उस मानावाधिकार के मुद्दे से राजनिति के लाभ लेने हो या उस देश को अपने हितो के लिये मजबूर करना हो जैसे अल्पसंख्यको के उपर अत्याचार हो रहा ईसाई मारे जा रहे है या ईसाईयों की घर वापसी हो रही है हंगामा काट देते पश्चिमी देश छोटी छोटी घटनाओ पर पूरे विश्व की मीडिया हंगामा मचा देती बहिष्कार हो रहा होता उस देश का सैन्कशन लग रहे होते और व्यापार का बहिष्कार किया जा रहा होता इस तरह पूरी दुनिया से काट दिया गया होता एक अल्पसंख्यक की मौत पर ऐसा हंगामा किया जा रहा होता है | और अगर अमेरिका और पश्चिमी देशो के वर्चस्व को बढावा देने के लिए उनकी ताक़त मे इजाफ़ा के लिए हो उनकी सीमाओ का विस्तार के लिए हो उनकी दूसरे देशो की लूट के लिए सहयोगी हो तो फ़िर खामोशी रहती है पश्चिमी देशो के हुक़ुमरानो मे मीडिया मे और अन्य संस्थानों मे| फ़िर लाखो लोगो को नज़रबन्द कर लिया गया हो तो भी खामोशी होगी लोगो का क़त्ले आम (फ़िलिस्तीन इराक़ सिरिया आदि) हो तब भी खामोशी रहती है कहने का तात्पर्य यह है कि इन पश्चिमी देशो ने मानव मूल्यो से सम्बन्धित मामल...

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