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Showing posts from March, 2026

Ahmad Rizvi

दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की

 अमेरिका ने इस्राइल की हिफ़ाज़त के लिए न केवल इस्राइल मे आइरन डोम डेविड स्लिन्ग थाड सिस्टम आदि दिया है इसके साथ अरबो को थाड सिस्टम आदि दिया था क्यों?   जानते हैं अरबो की हिफ़ाज़त के लिए नही इस्राइल की सुरक्षा के लिये दिया था और उस सुरक्षा की कीमत अरब चुका रहे हैं जैसे ही इस्राइल पर हमला हो defence system उसे रोक ले चाहे इराक़ हो सिरिया हो जार्डन हो सऊदी हो ओमान हो बहरीन हो क़तर हो कुवैत हो मुताहिदा अरब अमीरात हो सब इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रहे थे वो जाने मे हो या अन्जाने मे हो  अमेरिका की 5 फ़्लीट बहरीन मे गल्फ़ देशो की हिफ़ाज़त नही कर रही है बल्कि इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रही है  दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की   

दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की

 अमेरिका ने इस्राइल की हिफ़ाज़त के लिए न केवल इस्राइल मे आइरन डोम डेविड स्लिन्ग थाड सिस्टम आदि दिया है इसके साथ अरबो को थाड सिस्टम आदि दिया था क्यों?   जानते हैं अरबो की हिफ़ाज़त के लिए नही इस्राइल की सुरक्षा के लिये दिया था और उस सुरक्षा की कीमत अरब चुका रहे हैं जैसे ही इस्राइल पर हमला हो defence system उसे रोक ले चाहे इराक़ हो सिरिया हो जार्डन हो सऊदी हो ओमान हो बहरीन हो क़तर हो कुवैत हो मुताहिदा अरब अमीरात हो सब इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रहे थे वो जाने मे हो या अन्जाने मे हो  अमेरिका की 5 फ़्लीट बहरीन मे गल्फ़ देशो की हिफ़ाज़त नही कर रही है बल्कि इस्राइल की हिफ़ाज़त कर रही है  दौलत अरबो की हिफ़ाज़त इस्राइल की   

ईरान पडोसी देशो पर हमले क्यों कर रहा है?

ईरान अपने पडोसी देशो पर हमला क्यों कर रहा है?  ऐसा सवाल सबके मन मे पैदा हो रहा है एक उम्मत की बात की जा रही फ़िर भी इन अरब देशो पर हमले हो रहे हैं!  अब इस बात को समझे अमेरिका इस्राइल को संरक्षण देता है अमेरिका का नागरिक इस्राइल का नागरिक भी हो सकता है ब्रिटेन का नागरिक इस्राएल का नागरिक और इस्राइल का नागरिक ब्रिटेन का नागरिक है दोहरी नागरिकता ली जा सकती है | सऊदी अरब क़तर बहरीन इराक़  jordan सिरिया ओमान सयुन्क्त अरब अमीरात और इस्राइल मे अमेरिका के फ़ौजी अड्डे है क्या सऊदी को क़तर से बहरीन से सिरिया से इराक़ से कोई खतरा है बिलकुल नही फ़िर यह अमेरिका के military bases मे इस्राइल के military bases है इस्राइल को तो अरब देश मान्यता नही देते है लेकिन इस्राइल के नागरिक अमेरिका और ब्रिटेन आदि के नागरिक है और इस तरह अमेरिका ब्रिटेनऔरफ़्रान्स के बेसेस मे इस्राइली फ़ौजी तैनात है  अमेरिका और इस्राइल के यह सैन्य अड्डे से अरबो को कोई खतरा नही था फ़िर यह सैन्य बेसेस से सिर्फ़ और सिर्फ़ ईरान को खतरा था एक बात और याद दिलाता चलू ईरान इराक़ की 1980 -1988 तक चलने वाली जंग अमेरिका इस्राइल और अरब के द...

बदतमीज़ राष्ट्रपति!

दुनिया के तमाम देशो को खतरे मे डालने वाले डोनाल्ड ट्रम्प और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतनयाहू ने दुनिया को विनाश की ओर मोड़ दिया | 1. यूक्रेन के राष्ट्रपति को व्हाइट हाऊस मे बुलाकर जिस तरह ज़ेलेन्स्की को अपमानित किया गया और एक नीचले कर्मचारी द्वारा विदाई दी गयी वो नैतिकता के तकाज़ो के बिल्कुल बरअक़्श था | 2. वेनेज़ुअला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो का जिस तरह अपहरण किया गया और उनकी पत्नी को भी अपहरण किया इस तरह की गुंडागर्दी को देखकर हतप्रभ ही रह गयी कुछ लोग तो यहाँ तक कहने लगे बदतमीज़ राष्ट्रपति ने गनीमत की जो निकोलस मदुरो को नंगा करके नही घुमाया वर्ना डोनाल्ड ट्रम्प की मेहरबानी थी | 3. बदतमीज़ी की हद तब पार होने लगी जब वेनेज़ुअला के बाद ग्रीनलैन्ड को क़ब्ज़ा करने उसे लालच देकर अमेरिका मे मिलाने की ख्वाहिश जारी की जिसका विरोध डेनमार्क और अन्य देशो ने विरोध किया | 4. अमेरिका के राष्ट्रपति की बदतमीज़ी जारी है इसके साथ डोनाल्ड ट्रम्प ने क्यूबा को क़ब्ज़ा करने का इरादा ज़ाहिर किया | पूरी दुनिया अमेरिका और इस्राइल के आतंकवाद से त्रस्त होते जा रहे हैं और दुनिया के दूसरे देशो के वसाएल (resources) क...

ALI LARIJANI PREDICTION

 WHAT THE ALI LARIZANI TOLD TO THE WORLD THAT AMERICAN ARE PLANNING TO ATRACK IN AMERICA LIKE 9/11 STYLE AND TODAY AMERICA IS TELLING THE WORLD A DRONE ENTERED IN AMERICAN HIGH SECURITY AREA.  HOW IT WAS POSSIBLE AMERICA THAAD DEFENSE SYSTEM ARE PROTECTING JAPAN ISRAEL ,SOUTH KOREA, QATAR BAHRIN OMAN SAUDI ARABIA JORDAN. AMERICA IS PRETENDING TO KILL IRANIAN CIVILIAN AND FALSE FLAG OPERATION WILL BE CONDUCTED. AMERICAN GROUND FORCES IS MOVING TOWARD IRAN FOR KILLING IRANIAN.  SO READY TO KILL THE AMERICAN ISRAELI AND OTHER ALLIES FORCES. ALI LARIJANI WAS CORRECT TO UNDERSTAND AMERICAN POLICY AS WELL AS TOLD THE WORLD AND HELPED THE WORLD TO UNDERSTAND AMERICAN MIND. 

देशो का आतंकी संगठन नाटो!

नोर्थ अटलान्टिक ट्रीटी आर्गनाइजेशन जो 32  देशो से मिलकर बना है अगर इसमे तुर्की जैसे धर्मँ निरपेक्ष (मुनाफ़िक़)  को  छोड़ दे तो यह ईसाई देशो का संगठन है इस संगठन के बनने से पूर्व दुनिया पर ब्रिटेन फ़्रान्स जर्मनी हालैण्ड आदि हुक़ुमत कर रहे थे सयुन्क्त राष्ट्र संघ के बनने के बाद इस तरह के संगठन की कोई ज़रूरत ही नही थी  लेकिन इन ईसाई देशो को दूसरे देशो के संसाधनो को लूटने की लत पड़ चुकी है इसलिए यह छोटे बड़े देशो को अपनी सयुन्क्त ताक़त की धमकी के ज़रिये उससे अपनी बात मनवा लेते है या बात न मानने पर सब मिलकर उस पर हमला कर देते हैं और उस देश के संसाधनो और दौलत को लूट लेते है इन सब के बाद कानूनी वैधता  की भी कार्यवाही करते हैं | अब तक इन लूटेरे देशो ने अफ़्गानिसतान इराक़ लिबिया सिरिया मिश्र आदि देशो की धन सम्पदा को लूटा और साथ मे इन्सानो के खून की नदिया बहा दी, सोवियत रुस के 15 टुकडो मे बांटने मे मुख्य भुमिका निभाई  रुस ने पोलैन्ड रोमानिया जर्मनी पर द्रोन  से हमला किया लेकिन नाटो का article 5 लागू नही हुवा जानते है क्यों?  क्योंकि रुस की फ़ौजी ताक़त का मुक़ाबला नही ...

साऊथ कोरिया जापान की सुरक्षा को खतरा

 अमेरिका इस्राइल और ईरान के बीच होने वाली जंग के दौरान जिस तरह अमेरिका के थाड सिस्टम को तबाह किया गया और अमेरिका ने इसके बाद साऊथ कोरिया और जापान मे मौजूद थाड सिस्टम को वहां से निकाल कर इस्राइल और अमेरिका के सैन्य बेसेस की रक्षा करने के लिए पश्चिम एशिया मे पहुंचाया जा रहा है | ऐसे मे सबसे बड़ा सवाल यह पैदा हो रहा है कि अमेरिका के दुश्मन नार्थ कोरिया क्या शान्त रहेंगे?  दूसरा सवाल यह है कि अमेरिका फ़िर से मज़बूत हो जाये और उत्तर कोरिया के शासक का वैसा ही हाल करे जैसा उसने वेनेज़ुअला के प्रेसिडेन्ट निकोलस मदुरो या इराक़ के सद्दाम की तरह करे | या अमेरिका को मुश्किल मे डालने के लिये उसके लिये गम्भीर खतरा पैदा करना है और उसके दोस्त देशो को तक्लीफ़ मे डालना है| ऐसा लग रहा है कि जिस तरह अमेरिका को उतर कोरिया कमज़ोर देख रहा है उसी तरह अमेरिका के लिये खतरे पैदा करना शुरू कर दिया है  आज ही नोर्थ कोरिया ने जापान सागर मे 10 बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है यह केवल मिसाइलो का परीक्षण नही है बल्कि अमेरिका की नीन्द को उड़ाने वाली खबर है अमेरिका के दोनो देशो जापान और दक्षिण कोरिया की सुरक्...

भारत सरकार की आलोचना गलत है

भारत मे गैस सिलेंडर और गैस की कमी होने के बाद लोग भारत मे नरेन्द्र दमोदर मोदी की नेत्रत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार की आलोचना करने लगे लेकिन क्या सरकार के पक्ष को भी समझा गया है मेरे ख्याल से सरकार के पक्ष और नज़रिये को सही से नही समझा गया है आइये देखते हैं सरकार के मौन पक्ष को और सरकार के बोलने वाले पक्ष को  1. अमेरिका इस्राइल के द्वारा ईरानपर होने वाली सम्भावित जंग से पहले इस्राइल ने नरेन्द्र मोदी को अपने देश मे आने की दावत दी और वहां प्रधानमंत्री ने इस्राइल के पक्ष मे और आतंकवाद के विरोध मे भाषण दिया गया और इस्राइल का समर्थन किया गया यह आतंकवाद हमास हिज़्बुल्लाह अन्सार उल्लाह या ईरान के खिलाफ बोला गया या नही मगर इस्राइल को समर्थन करते हुवे जो नज़रिया इस्राइल का है वही नज़रिया भारत का समझा जा सकता है  2. दूसरा ईरान पर होने वाले अमेरिका इस्राइल द्वारा छेडी गयी जंग का भारत सरकार ने कोई निन्दा नही की | 3. ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई जो दुनिया भर के शियाओ के मरजा भी है,  अमेरिका इस्राइल के बमबारी मे होने वाले क़त्ल की भी निन्दा नही की गयी और विपक्ष के आलोचना करने ...

अमेरिका इस्राइल और ईरान की जंग मे भारत किसके साथ है?

भारत सरकार ने औपचारिक रूप से घोषणा नही की है कि वह इस्राइल के साथ है या ईरान के साथ है लेकिन कुछ हरकतो से समझा जा सकता है कि भारत मे भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस्राइल और अमेरिका के साथ है जंग से पहले जब विएना मे अमेरिका और ईरान की वार्ता होने के दौरान प्रधानमंत्री का इस्राइल दौरा और वहां पर प्रधानमंत्री का इस्राइल को समर्थन करना अपने आप में बहुत कुछ कह रहा है  भारत के प्रधानमंत्री का अपने देश मे वापस आना और उसके साथ ही ईरान पर अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला कर दिया :- 1. अमेरिका इस्राइल के ईरान पर  किये गये आक्रमण के बाद भारत सरकार ने उसकी भर्तसना नही की इस से पता चलता है कि सरकार का चुप रहना मौन स्वीक्रति है  2. ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई को वहशियाना क़त्ल के बाद और विपक्ष के सरकार से सवाल करने के बाद भी भारत सरकार ने अमेरिका और इस्राइल को न तो भर्तसना की और न कोइ शोक सन्देश दिया इस से लोगो को यह भरोसा हो गया कि भारत सरकार ने ईरान के खिलाफ़ मौकूफ़ अख्तियार किया है और अमेरिका और इस्राइल का समर्थन किया है  3. जंग के दौरान ओमान सागर मे भारत सरकार ने वार शि...

डिमोना को उड़ाने की धमकी!

लगातार इस्राइल और हिज़्बुल्लाह की होने वाली पिछली जंग मे हम सुनते आये है कि डिमोना परमाणु रिअकटर को उड़ा देंगे हिज़्बुल्लाह के चीफ़ सैयद हसन नसरउल्लाह को क़त्ल करके शहीद कर दिया और डिमोना परमाणु संयंत्र वहीं पर है.|  इस्राइल अमेरिका के संयुक्त हमले मे ईरान के रहबरे मुअज़्ज़म सैयद अली खामनई को शहीद कर दिया गया इस्लामिक क्रान्ति सुरक्षा कोर /आई आर जी सी ने लगातार डिमोना परमाणु केन्द्र को उड़ा ने की धमकी दे रही है लेकिन ऐसा कोई प्रयास नही दिख रहा है | अमेरिका इस्राइल ने ईरान के परमाणु केन्द्रो पर हमला किया, क्या उनके हमले से रेडिएशन नही फ़ैलेगा?  बिल्कुल फ़ैलेगा क्या इन दोनो ने इन्सानियत की परवाह की बिल्कुल नही की  अब जब कोई बात को कहो तो उसपर गम्भीरता से कायम रहना चाहिए  आई आर जी सी को डिमोना को जितनी जल्दी हो सके उड़ा दे और uss gerald को ज़ेरे समुद्र लाने का प्रयास करे |

जीसस क्राइस्ट का चमत्कार!

पाखंडी घमंडी ज़िद्दी बलात्कारी Donald trump ने जब वेनेज़ुअला पर खुली डकैती डाली और वेनेज़ुअला के president nicholas maduro और उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया था | अपहरण और डकैती से पहले निकोलस मदुरो ने कहा था उनके देश वेनेज़ुअला के सुप्रीम कमांडर जीसस क्राइस्ट है इसके बावजूद Donald trump ने वेनेज़ुअला पर हमला किया और सीधे वेनेज़ुअला के सुप्रीम कमांडर जीसस क्राइस्ट को चुनौती दे डाली वक़्त बदला समय गुज़रा दिन बीते और अमेरिका और इस्राइल ने अपनी ताक़त के गुरूर मे ईरान पर हमला कर दिया अमेरिका और इस्राइल लगातार हार का सामना कर रहे हैं और दुनिया मे जो ज़िल्लत अमेरिका और इस्राइल की हो रही है इससे पहले कभी नही हुई  इब्राहिम याक़ूब इशाक़ का यहोवा आज ईरान के साथ है आज जीसस क्राइस्ट घमंडी पाखंडी की नाक रगड रहे है  आज घमंडी पाखंडी ढोन्ग कर रहा है जिसने मसीहा के खिलाफ तलवार उठाई है आज मसीह घमंडी पाखंडी ज़िद्दी बलात्कारी अपराधी डोनाल्ड trump को दंडित कर रहे है 

अयोग्य प्रेसिडेंट !

ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजिस्कियान अयोग्य है या उन का बयान देना दुश्मन ताक़तो को फ़ायदा पहुंचा रहा है यही वो शख्सियत है जिसने सुप्रीम लीडर सैयद अली खामनई से इख्तिलाफ़ किया था और अमेरिका से बातचीत को तरजीह दी थी नतीजा बात चीत के दौरान ही जून 2025 मे अमेरिका और इस्राइल ने हमला कर दिया था  28 फ़रवरी 2026 को बात चीत के दौरान ही अमेरिका और इस्राइल ने अमेरिका पर हमले कर दिये जिसके जवाब मे ईरान ने पश्चिम एशिया मे अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया  इन हमलो और ईरानी सेना की जमकर तारीफ़ करने के बजाय अयोग्य प्रेसिडेंट ने अपने ही देश के नागरिको और सेना को शर्मिन्दा करने वाला काम करते हुवे पडोसी देशो से माफ़ी मांगने लगे पडोसी देशो ने जो सैन्य बेस बनाये थे वो ईरान की सुरक्षा को खतरे मे डालने के लिये किया था और ईरान की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया जिस पर ईरान के गयूर सांसद हामिद रसाई ने पेजिस्कियान आपका रवैया गैर पेशेवराना कमज़ोर और स्वीकार करने के क़ाबिल नही है इसके साथ ही ईरान की लीडरशिप काउंसिल के कई नेता ने पेजिस्कियान का विरोध करना शुरू कर दिया  इन सबके बावजूद पेजिस्कियान ई...