Ahmad Rizvi

सहाबा का एहतराम!

बिरादर मुस्लिम सवाल उठाते हैं कि सहाबा का एहतराम शिया नहीं करते कभी सवाल पूछा कि सहाबा का एहतराम कितना उस वक़्त के लोगो ने किया निम्न नज़ीर देता हूं:- 1. हज़रत अली अलैहिस सलाम अहले बैअत नबी भी है जानशीन रसूल भी है मौला भी सहाबी ए रसूल भी है हज़रत अली को रस्सी से बांधने वाले मुनाफिकों पर खामोश रहते है। नहीं बताओगे कि सहाबा का एहतराम करना चाहिए। 2. हज़रत अबुज़र गफ़ारी का नाम तो सुना होगा उनको सहाबी ही शहर बदर कर रहे सहाबी ही पिटवा रहे हैं। क्यों अब खामोश हो अब नहीं बताओगे सहाबा का एहतराम क्यों नहीं किया। 3. हज़रत हुजर बिन अदी को तशदूद करके जान से मार दिया गया सहाबा के चहीतो तुम्हारी खामोशी तुम्हारी मक्कारी को इन्क़ेशाफ़ कर रही है। सहाबा की आड़ में अहले बैअत नबी, रसूल उल्लाह सल्लल्लाहो अलैह व आले वसल्लम और उनकी आले पाक मुखालफत करना है वरना सहाबा की अज़मत की बात होती अहले बैअत से लड़ने वाले मुनाफिकों के नक़ाब को उतार फेंकते उनका देफा न करते।  

विश्व शान्ति के लिए सबसे बड़ा खतरा अमेरिका

अमेरिका के परमाणु हथियार विश्व के लिए खतरा है जो अमेरिका परमाणु प्रसार के लिए दुनििया पर ज़ोर देता है उसने विश्व को खतरे में डालते हुवेे परमाणु टेकनोलााााजी को इस्राइल,ब्रिििटेना,France को उपलब्ध कराया। न केवल अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम गिराया बल्कि इराक और अफगानिस्तान में हर तरह के बम के प्रयोग के साथ डिप्लिकटेड यूरेनियम का प्रयोग करके मानवता के साथ बेगुनाह बच्चों का कत्लेआम किया गया। जब तक अमेरिका और उसके साथी देश परमाणु हथियार का त्याग नहीं करते या उनका निशस्त्रीकरण नहीं कराया जाता तब तक विश्व में शांति नहीं हो सकती और सम्पूर्ण विश्व के विनाश के लिए खतरा बना रहेगा।

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