Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

विश्व शान्ति के लिए सबसे बड़ा खतरा अमेरिका

अमेरिका के परमाणु हथियार विश्व के लिए खतरा है जो अमेरिका परमाणु प्रसार के लिए दुनििया पर ज़ोर देता है उसने विश्व को खतरे में डालते हुवेे परमाणु टेकनोलााााजी को इस्राइल,ब्रिििटेना,France को उपलब्ध कराया। न केवल अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम गिराया बल्कि इराक और अफगानिस्तान में हर तरह के बम के प्रयोग के साथ डिप्लिकटेड यूरेनियम का प्रयोग करके मानवता के साथ बेगुनाह बच्चों का कत्लेआम किया गया। जब तक अमेरिका और उसके साथी देश परमाणु हथियार का त्याग नहीं करते या उनका निशस्त्रीकरण नहीं कराया जाता तब तक विश्व में शांति नहीं हो सकती और सम्पूर्ण विश्व के विनाश के लिए खतरा बना रहेगा।

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