Ahmad Rizvi

अखण्ड भारत

अगर अखंड भारत मे बांग्लादेश को पाकिस्तान श्रीलंका म्यानमार अफ़्गानिस्तान तिब्बत को मिलाना है तो घुसपैठिया कैसे? वो तो अखंड भारत के नागरिक ही हुवे या जिस तरह बौधो का क़त्ल किया गया उसी तरह मुसलमानों का क़त्ल किया जाना है या आर एस एस और उसकी आनुषंगिक संगठन प्रयोग के तौर पर मोब लिन्चीन्ग कर रही है और मुसलमानों की तरफ़ से होने वाले प्रतिरोध को भी देख रही है और विश्व भर के मुसलमानों के प्रतिरोध या प्रतिक्रिया को भी देख रही है  गुजरात मुस्लिम नरसंहार और मुज़फ़्फ़रनगर मे मुसलमानों के नरसंहार के बाद देखा गया कि मुसलमानो को तबाह बरबाद और ताराज किया जा सकता है बोसनिया हरजेगोविना मे मुसलमानों के नरसंहार पर विश्व मुस्लिम नेत्रत्व की प्रतिक्रिया नक्कार खाने मे तुति की आवाज़ थी अमेरिका और इस्राइल ने करोडो मुसलमानों का क़त्ल बडी हिक़्मत से किया और बड़े संसाधनो को लूटा है हाल ही मे म्यानमार मे रोहिन्गया मुसलमानों को क़त्ले आम किया गया और उन्हे बर्बाद करके दूसरे देशो मे बदतरीन ज़िन्दगी जीने को मजबूर किया गया है और किया जा रहा है फ़िलिस्तीन मे मुसलमानों का क़त्ले आम किया जा रहा है और दुनियाभर के मुस्लिम हुक़ुमत ख...

अल्लाह अल्लाह!

अल्लाह को किसने पैदा किया ऐसा सवाल कभी कभी गैर मुस्लिमो के द्वारा मुसलिमो से किया जाता है इस सम्बन्ध में अल्लाह रब्बुल इज्ज़त का इरशाद है " जब कुछ नहीं था तब मै था " न ज़मीन न आसमान, न फरिश्ते, न जिन्न, न आदम, न दिन, न रात किसी भी चीज का वजूद (अस्तित्व) न था। तौरेत (Old Testament) में प्रधम अध्याय उत्पत्ति (Genesis) में विस्तार से दिया गया है। क़ुरान मजीद में अल्लाह रब्बुल इज्ज़त इरशाद फरमाता है कि " कह दिजिए वह अल्लाह अहद (अकेला) है, अल्लाह समद ((निसपृह/बेनयाज़) है, उसके कोई औलाद नहीं ओर न वह किसी की औलाद है और न कोई उसका कफ व हमसर (बराबर) है। सूरा इखलास 112 कह दिजिए काफिरो से नहीं हूं अब्द (बन्दा) जो तुम्हारा आराध्य (माबूद) है और न तुम आराधना (इबादत) करते हो जिसकी आराधना (इबादत) करता हूं और न उसकी आराधना (इबादत) करने का जिसकी आराधना (इबादत) तुम करते आये। और न तुम उसकी इबादत करने के जिसकी इबादत मै करता हूं। तुम्हें तुम्हारा दीन(धरम) और मुझे मेरा दीन। सूरा काफिरून 109 अल्लाह, नहीं है कोई आराध्य (इलाहा) सिवाय अल्लाह के, वह हय्युल कय्युम (जिन्दा व काएम) है उसे न निन्द आती हैं और न ऊंघ। सूरा बक्र आयत 255 सारी तारिफ(प्रसंशा) अल्लाह की जो तमाम संसार का रब (पालनहार) है रहमान व रहीम है दीन के दिन का मालिक हैं। अल्लाह को यहूदी ,ईसाई मुस्लिम सभी मानते व इबादत करते हैं। तीनों मज़हब /धरमो का खुदा, महोला, अल्लाह एक ही है। सिक्ख धर्म भी इसकी पवित्र ग्रन्थ गुरू ग्रन्थ में भी कहा गया "अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत दे सब बन्दे" उपरोक्त तथ्यों से एक बात सपष्ट है कि अल्लाह ने सबको खल्क (पैदा) किया उसको किसी ने खल्क नहीं किया दुनिया के सबसे पुराने धर्म से लेकर अब तक अल्लाह की वहदानियत (एकरुपता) की पुष्टि की है।

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