Ahmad Rizvi

कुफ़्र व मुनाफ़कत

 अल्लाह सुभान व तआला का इंकार करने वाला काफ़िर है लेकिन अल्लाह सुभान व तआला को मानता हो और इसके बाद भी काफ़िर हो इसकी कोई दलील है इब्लीस  अल्लाह को मानता है उसको सज्दा करता है लेकिन हज़रत आदम को सज्दा करने के अल्लाह के हुक़्म का इंकार करना इब्लीस को काफ़िर बनाता है | अब जो अल्लाह सुभान व तआला के हुक़्म फ़ैस्ले तकर्रूरी पर सहमत न हो वो काफ़िर है | एक और इन्सान भी है जो न मुस्लिम है और न काफ़िर है दो नम्बरी है, का ज़िक्र है वो मुनाफ़िक़ है |इस मुनाफ़िक़ के बारे मे यह है कि अल्लाह सुभान व तआला को मानता है रसूल उल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की रिसालत का इक़रार भी करता है मगर दिल से रसूल की गवाही नही देता है उसे मुनाफ़िक़ करार दिया गया है | आज कल लोग बड़े फ़ख्र से कहते है कि हम सेकुलर है जिसका मतलब ही मुनाफ़िक़ है |

यहूदी इसराइल

यहूदी इसराइल चारो ओर दुश्मन देशों से घिरा हुआ है..... यह झूठ लगातार बोला जाता है हक़ीक़त में यहूदी इसराइल चारो ओर दोस्तो से घिरा है एक ओर जॉर्डन जो ईरानी मिसाइल को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई, दूसरा वो मोहम्मद अल जुलानी जो वर्तमान में सीरिया का राष्ट्रपति बन गया है वो अमेरिका इसराइली यहूदी और तुर्की का मित्र है मिश्र का कैंप डेविड समझौता के बाद यहूदी इसराइल का दोस्त है उत्तर में लेबनान देश है जहां ईसाई राष्ट्रपति है और आर्मी चीफ ईसाई है जिसके ताल्लुकात अमेरिका और यहूदी इसराइल से है अब दक्षिण में लाल सागर और सऊदी अरब है जो अमेरिका और यहूदी इसराइल के दोस्त है अब पूर्व में वेस्ट बैंक है जहां फिलिस्तीन की अगवाई महमूद अब्बास कर रहे हैं जो यहूदी इसराइल के दोस्त हैं अब जो अमेरिका यहूदी इसराइल के साथ है वो अमेरिका इन सब देशों के साथी है तो दरअसल यहूदी इसराइल चारो ओर दोस्तो से घिरा है दुश्मनों से नहीं मगर यहूदी इसराइल भारत का भी दोस्त है इसलिए भारत की मीडिया यहूदी इसराइल को मासूम साबित करने के लिए उसे दुश्मनों से घिरा हुआ बताते है और यह भी साबित करने की कोशिश की जाती है कि यहूदी इसराइल इस्लाम पर ग़ालिब हो चुका है और यहूदी इसराइल से यह सभी देश मिलकर भी जीत नहीं सकते लेकिन यह बताने में कोताही करते है कि अमेरिका ब्रिटेन फ्रांस जर्मनी डेनमार्क रूस कनाडा आदि देश यहूदी इसराइल को असलहा मिसाइल परमाणु हथियार धन उपलब्ध कराते है दूसरी ओर अगर इसको सही नज़रिए से देखे तो इस्लाम को अधीन करने वाले समस्त लोगों के द्वारा अरबों पर हमला किया गया है जिसे अरब के भौंडे बेवकूफ रूलर समझ नहीं सके और उनको बेवकूफ बनाने के लिए कभी ओस्लो समझौता कभी अब्राहम एकॉर्ड कभी कोई समझौता को बहाना बनाकर अरबों को बेवकूफ बनाते रहे हैं

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