Ahmad Rizvi

सहाबा का एहतराम!

बिरादर मुस्लिम सवाल उठाते हैं कि सहाबा का एहतराम शिया नहीं करते कभी सवाल पूछा कि सहाबा का एहतराम कितना उस वक़्त के लोगो ने किया निम्न नज़ीर देता हूं:- 1. हज़रत अली अलैहिस सलाम अहले बैअत नबी भी है जानशीन रसूल भी है मौला भी सहाबी ए रसूल भी है हज़रत अली को रस्सी से बांधने वाले मुनाफिकों पर खामोश रहते है। नहीं बताओगे कि सहाबा का एहतराम करना चाहिए। 2. हज़रत अबुज़र गफ़ारी का नाम तो सुना होगा उनको सहाबी ही शहर बदर कर रहे सहाबी ही पिटवा रहे हैं। क्यों अब खामोश हो अब नहीं बताओगे सहाबा का एहतराम क्यों नहीं किया। 3. हज़रत हुजर बिन अदी को तशदूद करके जान से मार दिया गया सहाबा के चहीतो तुम्हारी खामोशी तुम्हारी मक्कारी को इन्क़ेशाफ़ कर रही है। सहाबा की आड़ में अहले बैअत नबी, रसूल उल्लाह सल्लल्लाहो अलैह व आले वसल्लम और उनकी आले पाक मुखालफत करना है वरना सहाबा की अज़मत की बात होती अहले बैअत से लड़ने वाले मुनाफिकों के नक़ाब को उतार फेंकते उनका देफा न करते।  

दुनिया की मदद मे मदद

7 अकटूबर 2023 को फ़िलिस्तीन ने इस्राएल पर हमला कर दिया इसके साथ ही लाल सागर मे यमन के हूसी ने इस्राएल को support करने वाले जहाज़ो पर हमला करना शुरू कर दिया जिसके समर्थन मे अमेरिका और उसके सहयोगी इस्राइल की मदद करने के लिये आगे आ गये अमेरिका ने हूसी के खिलाफ एक गठबंधन बनाया जिसका नाम prosperity guardian रखा गया भारत ने उस गठबंधन मे शामिल होने से इंकार किया लेकिन इसी दौरान भारत के रक्षा मंत्री की united kingdom का दौरा हुवा और इस्के साथ 12 युध्दपोत अरब सागर मे यह कहकर भेजा कि वो समुद्री डाकूओ से लड़ने के लिए भेज रहे समय बीत रहा है भारत ने जिस तरह अमेरिका के गठबंधन मे शामिल न होकर भी उसके लिए नाके बन्दी करने मे अमेरिका की मदद की उसके गठबंधन और अपने मित्र इस्राइल की मदद की जब यह खबर भारत के मित्र देश रुस और ईरान को मिली तो उन देशो ने अपने मित्र भारत को अकेले समुद्री डाकू से निपटने मे कोई कठिनाई न हो इसके लिए रुस ने अपने मित्र ईरान और चीन के साथ मिलकर भारत की navy की मदद करने के लिए 19 मार्च 2024 से तीनो देशों ने अर्थात् रुस चीन और ईरान ने war exercises करने का फ़ैसला किया है

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