Ahmad Rizvi

पहला मुनाफिक - इबलीस

  पहला मुनाफिक – इबलीस मुनाफिक के मायने है दोगला , ढोंगी , कपटी वो शख्स जो ज़बान से कुछ और हो और दिल मे कुछ और । इबलीस (शैतान) मलायका के सफ़ों मे पहुँच गया । हज़रत आदम के पुतले और रूह को स्थापित करने तक मे इबलीस के मुनाफिक होने और काफिर होने को अल्लाह सुभान व तआला ने सामने ले आया । लौह-ए-महफ़ूज़ मे फरिश्तों मे एक नाफरमान होने का ज़िक्र किया गया तब तक यह इल्म अल्लाह से मलायका के बीच मे आ   गया तुम मे से एक नाफरमान होगा इस मुनाफ़क़त को अल्लाह रब्बुल आलमीन ने बता दिया एक बात और इस मुनाफिक और   अल्लाह के रसूल की बज़्म मे बैठने वाले मुनाफिको के बारे मे भी अल्लाह को पता है और सूरे मुनाफिक मे उनका ज़िक्र भी कर दिया यह मुनाफिकत का राज कब खुलेगा आगे देखिए जब तक आदम का पुतला बना गया इबलीस की मुनाफ़क़त नहीं खुलती है जैसे ही रूह को फूंकने के साथ सजदा मे चले जाने का हुक्म फरिश्तों को दिया गया सभी फ़रिश्ते सिर्फ इबलीस को छोड़कर सजदे मे चले गए और इस इनकार का अंजाम शैतान को फटकार और लानत के रूप मे तोहफा मिला । अब इबलीस मुनाफिक से सीधा काफिर हो गया । एक बात और तौहीद वालों के लिए इबलीस तौहीद का इनका...

दुनिया की मदद मे मदद

7 अकटूबर 2023 को फ़िलिस्तीन ने इस्राएल पर हमला कर दिया इसके साथ ही लाल सागर मे यमन के हूसी ने इस्राएल को support करने वाले जहाज़ो पर हमला करना शुरू कर दिया जिसके समर्थन मे अमेरिका और उसके सहयोगी इस्राइल की मदद करने के लिये आगे आ गये अमेरिका ने हूसी के खिलाफ एक गठबंधन बनाया जिसका नाम prosperity guardian रखा गया भारत ने उस गठबंधन मे शामिल होने से इंकार किया लेकिन इसी दौरान भारत के रक्षा मंत्री की united kingdom का दौरा हुवा और इस्के साथ 12 युध्दपोत अरब सागर मे यह कहकर भेजा कि वो समुद्री डाकूओ से लड़ने के लिए भेज रहे समय बीत रहा है भारत ने जिस तरह अमेरिका के गठबंधन मे शामिल न होकर भी उसके लिए नाके बन्दी करने मे अमेरिका की मदद की उसके गठबंधन और अपने मित्र इस्राइल की मदद की जब यह खबर भारत के मित्र देश रुस और ईरान को मिली तो उन देशो ने अपने मित्र भारत को अकेले समुद्री डाकू से निपटने मे कोई कठिनाई न हो इसके लिए रुस ने अपने मित्र ईरान और चीन के साथ मिलकर भारत की navy की मदद करने के लिए 19 मार्च 2024 से तीनो देशों ने अर्थात् रुस चीन और ईरान ने war exercises करने का फ़ैसला किया है

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