Ahmad Rizvi

देशो का आतंकी संगठन नाटो!

नोर्थ अटलान्टिक ट्रीटी आर्गनाइजेशन जो 32  देशो से मिलकर बना है अगर इसमे तुर्की जैसे धर्मँ निरपेक्ष (मुनाफ़िक़)  को  छोड़ दे तो यह ईसाई देशो का संगठन है इस संगठन के बनने से पूर्व दुनिया पर ब्रिटेन फ़्रान्स जर्मनी हालैण्ड आदि हुक़ुमत कर रहे थे सयुन्क्त राष्ट्र संघ के बनने के बाद इस तरह के संगठन की कोई ज़रूरत ही नही थी  लेकिन इन ईसाई देशो को दूसरे देशो के संसाधनो को लूटने की लत पड़ चुकी है इसलिए यह छोटे बड़े देशो को अपनी सयुन्क्त ताक़त की धमकी के ज़रिये उससे अपनी बात मनवा लेते है या बात न मानने पर सब मिलकर उस पर हमला कर देते हैं और उस देश के संसाधनो और दौलत को लूट लेते है इन सब के बाद कानूनी वैधता  की भी कार्यवाही करते हैं | अब तक इन लूटेरे देशो ने अफ़्गानिसतान इराक़ लिबिया सिरिया मिश्र आदि देशो की धन सम्पदा को लूटा और साथ मे इन्सानो के खून की नदिया बहा दी, सोवियत रुस के 15 टुकडो मे बांटने मे मुख्य भुमिका निभाई  रुस ने पोलैन्ड रोमानिया जर्मनी पर द्रोन  से हमला किया लेकिन नाटो का article 5 लागू नही हुवा जानते है क्यों?  क्योंकि रुस की फ़ौजी ताक़त का मुक़ाबला नही ...

शैतानी ताक़तो का लांच खलिफ़ा

खुद्शाख्ता और अमेरिका ब्रिटेन फ़्रान्स और शैतानी ताक़तो के द्वारा बनाये गये खलिफ़ा तुर्की के तय्यब एर्दोगान जो खुद एक मुनाफ़िक़ है अपनी मुनाफ़्क़त का इज़हार उनके द्वारा आतंकी इस्राइल की सेना को वर्दी और अन्य कारोबार मे ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है क़ौम के यह मुनाफ़िक़ ही मुसलमानो के जज़्बातो का सौदा शैतानी ताक़तो से करते है मुस्लिम इनको हम्दर्द समझता और मानता रहता है और यह जज़बातो के हिसाब किताब गुणा भाग करके ऐसा स्पीच देते हैं मानो बड़े हमदर्द हो लेकिन दूसरी ओर जब इनकी तारीफ़ antony blinken जैसे लोग करते हैं तो लोग हैरत मे पड़ जाते हैं मगर उनकी तारीफ़ उनका मुखालिफ़ क्यों करता है इसको जब तक लोग समझते हैं तब तक उनके किरदार की दूसरा चेहरा नज़र आता है वो चेहरा उनके दिखाये गये किरदार से बिल्कुल बरअक़स दिखता है आप को हैरत तब नही होती जब यह सिर्फ़ और सिर्फ़ बयानबाज़ी करते रहे और खड़े नही हुए उनसे माफ़ी चाहूंगा जो अपने दिल में अल्लाह के बनाये हुवे खलिफ़ा की जगह ऐसे मुनाफ़िक़ को खलिफ़ा समझ बैठे या अमेरिका और शैतानी ताक़तो ने ऐसा खलिफ़ा market मे लांच किया है

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