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Showing posts from October, 2024

Ahmad Rizvi

ALI LARIJANI PREDICTION

 WHAT THE ALI LARIZANI TOLD TO THE WORLD THAT AMERICAN ARE PLANNING TO ATRACK IN AMERICA LIKE 9/11 STYLE AND TODAY AMERICA IS TELLING THE WORLD A DRONE ENTERED IN AMERICAN HIGH SECURITY AREA.  HOW IT WAS POSSIBLE AMERICA THAAD DEFENSE SYSTEM ARE PROTECTING JAPAN ISRAEL ,SOUTH KOREA, QATAR BAHRIN OMAN SAUDI ARABIA JORDAN. AMERICA IS PRETENDING TO KILL IRANIAN CIVILIAN AND FALSE FLAG OPERATION WILL BE CONDUCTED. AMERICAN GROUND FORCES IS MOVING TOWARD IRAN FOR KILLING IRANIAN.  SO READY TO KILL THE AMERICAN ISRAELI AND OTHER ALLIES FORCES. ALI LARIJANI WAS CORRECT TO UNDERSTAND AMERICAN POLICY AS WELL AS TOLD THE WORLD AND HELPED THE WORLD TO UNDERSTAND AMERICAN MIND. 

Indian judicary and muslim

इतिहास जस्टिस चंद्रचूड़ को कैसे याद करेगा, यह उन्होंने ख़ुद तय कर दिया है भारत के इतिहास में यह दर्ज किया जाएगा कि भारतीय धर्मनिरपेक्षता की इमारत जब गिराई जा रही थी, हमारे कई न्यायाधीशों ने उसकी नींव खोदने का काम किया. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का नाम सुर्ख़ियों में होगा. खबर है कि जब बाबरी मस्जिद की ज़मीन की मिल्कियत तय करने के मामले में कोई रास्ता नहीं निकल रहा था तब देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ अपने ईश्वर के सामने करबद्ध बैठे और कहा कि अब तुम्हीं राह दिखलाओ. यह चंद्रचूड़ साहब ने अपने गांववालों को बतलाया. मतलब यह कि जो फ़ैसला न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और उनके बिरादर न्यायमूर्तियों ने दिया, वह उनका नहीं था, ईश्वर ने लिखवाया था. लेकिन यह कहकर एक तरह से चंद्रचूड़ साहब ने यह स्वीकार कर लिया कि निर्णय उनका लिखा हुआ था जिस पर बाक़ी 4 बिरादर न्यायमूर्ति राज़ी हो गए. उनके इस वक्तव्य से इस प्रश्न का उत्तर भी मिल गया कि क्यों फ़ैसले पर किसी न्यायमूर्ति का दस्तख़त नहीं था. यानी आजतक लोग-बाग सिर्फ़ अंदाज लगा रहे थे कि फ़ैसला किसने लिखा. उसकी भाषा और शैली देखकर कानाफूसी हो रही थी कि ...

पुतिन की उपलब्धि

रुस के प्रेसिडेन्त व्लादिमीर पुतिन ने सत्ता को संभालते ही रुस के राज्य चेचेन के विद्रोह को दमन किया |रुस से आज़ाद हुवे जार्जिया के प्रान्त अबखाज़िया पर आक्रमण करके क़ब्ज़ा किया सन 2014 मे युक्रेन क्रिमिया पर क़ब्ज़ा किया इन सबके साथ रुस ने पश्चिमी देशो और सलाफ़ी आतंकवादीयो के गठबंधन आई एस आई एस को तबाह और बर्बाद करने मे अहम भुमिका निभाई सिरिया मे अपने अड्डे बनाये अमेरिका और उसके साथी देशो को व्यापार को चुनौती देने के लिए BRICS जैसी संस्था की स्थापना की पूरे विश्व मे अमेरिका विरोधी देशो को एकजुट किया और आपस मे व्यापार करने को प्रोत्साहन दिया वर्तमान मे NORTH KOREA CHINA PAKISTAN INDIA IRAN IRAQ SYRIA LEBNON TURKEY YEMEN LIBYA NIGERIA आदि देशो को आपस में व्यापार के साथ एक बहुत बडा MILITARY ALLIANCE को अमेरिका और उसके साथी देशो के विरुध तैयार कर दिया अमेरिका की HEGEMONY को खत्म करने के लिये DEDOLLARIZATION को करने के लिए BRICS मे एक नई CURRENCY को LAUNCH करने जा रहे हैं विश्व मे इन सब उप्लब्धि के साथ अमेरिका और उसके सहयोगी के द्वारा जो विवाद पैदा किये गये हैं जैसे NORTH KOREA SOUTH KOREA के बीच ...

IRAN TACTICS

HOW MANY RETIRED GENERAL AND DEFENCE EXPERT WERE MENTIONING ABOUT ATTACK ON IRAN AS MILITARY INSTALLATION OIL REFINERY, MILITARY BASES AND AMERICAN DID PSYCOLOGICAL WAR THAT ISRAEL LOCKED ALL TARGET AND IS LIKELY TO HAPPEN AN HUGE ATTACK. AS FAR AS I DO THINK THAT ISRAEL WILL NOT BE CAPABLE TO ATTACK ON IRAN WHAT WAS REASON TO NOT ATTACK ON IRAN. FIRST ISRAEL IS NOT WELL WISHER OF IRAN AND GIVEN UP THE INTETION TO ATTACK ON IRAN SUCH IS NOT. SECOND IRAN IS ALSO PREPARED FOR WAR AND HIS PROXIES IS CAPABLE TO DESTROY THE ISRAEL AND THEY STARTED TO DESTROY THE ISRAEL. THIRD ISRAEL HAS WEAKEN TO SECURE HIS DEFENCE AND THIS WEAKNESS CAME BEFORE THE WORLD. THAAD SYSTEM OF AMERICA INSTALLED IN ISRAEL DESPITE IT THE ATTACK ARE NOT STOPPING. IRAN HAS NOT COME IN BLUFF OF AMERICA ISRAEL OR OTHERS. FOURTH AMERICA AND HIS ALLIES ARE ALSO VERY BUSY IN UKRAINE WAR AND ARMS AND AMMUNITION ARE BEING USED IN THERE. AND NEW FRONT OF WAR IS LIKELY TO OPEN IN THE WORLD. IT IS CERTAIN THAT ISRAEL FACE...

राजनिति और धोखा

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राजनिति को समझने और उसमे बेवकूफ़ लोगो को किस तरह धोखा दिया जाता है और कम समझ लोगो की भावनाओ /जज़बातो के साथ खेला जाता है 5 अगस्त 2019 को जब जम्मु और कश्मीर से सविन्धान के अनुच्छेद 370 को खत्म किया उस समय आपको याद होगा कि उन्होंने 9 जनवरी 2019 को विरोध में भारतीय नौकरशाही से अपना इस्तीफा दे दिया, जिसमें अन्य बातों के अलावा कश्मीर में "निरंतर हत्याओं" का हवाला दिया गया था, जिसे कथित तौर पर केंद्र सरकार द्वारा "कभी स्वीकार नहीं किया गया" और बाद में उन्होंने इसे वापस भी ले लिया।जीवन की शुरुआत की। इसके तुरंत बाद, 16 मार्च 2019 को, उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी, जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (JKPM) की घोषणा की। उन्होंने 10 अगस्त 2020 को राजनीति छोड़ दी और JKPM छोड़ दी। अप्रैल 2022 में मोदी सरकार ने उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में बहाल कर दिया। अगस्त 2022 में उन्हें केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय में उप सचिव के पद पर तैनात किया गया। अब इसमे गौर करने वाली बात यह है कि चुनाव आयोग ने रजनितिग पार्टी को गठन करने दिया उसे महिनो संचालित करने दिया वो भी IAS होते हुवे क्योंकि ...

जंग किसी मसले का हल नही!

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अक्सर और बेस्तर मुस्लिम उलेमा और अन्य दानिशवरो से सुनते आये हैं कि जंग किसी मसले का हल नही है ऐसी बात करना क़ुरान और सुन्नत के खिलाफ़ है अगर जंग से मसले का हल नही होता है तो हज़रत दाऊद ने जंग क्यों की सवाल है हज़रत सुलेमान ने जंग क्यों की हज़रत ज़ुलकरनैन ने जंग क्यों की हज़रत मूसा ने जंग क्यों की हज़रत रसूल उल्लाह सल्लल्लहो अलैह व आले वसल्लम ने जंग ए बद्र जंग उहद जंग खैबर और बहुत सारी जंग है अमीरूल मोमिनीन ने जंग सिफ़्फ़ीन जंग जमल इमाम हुसैन ने जंग ए कर्बला करनी पडी और क़ुरान मजीद मे जेहाद को बताया गया अब अल्लाह सुभान व तआला और अल्लाह के रसूल आदि यह समझने मे कासिर रहे नाऊज़ बिल्लाह की जंग मसले का हल नही सही मायने मे देखे तो जंग ही मसले का हल है वर्ना हज़रत दाऊद हज़रत मूसा हज़रत मोहम्मद मुस्तफा अहमद मुजतबा सललल्लाहो अलैह व आले वसल्लम को जंग न करनी पड़ती