Ahmad Rizvi

पहला मुनाफिक - इबलीस

  पहला मुनाफिक – इबलीस मुनाफिक के मायने है दोगला , ढोंगी , कपटी वो शख्स जो ज़बान से कुछ और हो और दिल मे कुछ और । इबलीस (शैतान) मलायका के सफ़ों मे पहुँच गया । हज़रत आदम के पुतले और रूह को स्थापित करने तक मे इबलीस के मुनाफिक होने और काफिर होने को अल्लाह सुभान व तआला ने सामने ले आया । लौह-ए-महफ़ूज़ मे फरिश्तों मे एक नाफरमान होने का ज़िक्र किया गया तब तक यह इल्म अल्लाह से मलायका के बीच मे आ   गया तुम मे से एक नाफरमान होगा इस मुनाफ़क़त को अल्लाह रब्बुल आलमीन ने बता दिया एक बात और इस मुनाफिक और   अल्लाह के रसूल की बज़्म मे बैठने वाले मुनाफिको के बारे मे भी अल्लाह को पता है और सूरे मुनाफिक मे उनका ज़िक्र भी कर दिया यह मुनाफिकत का राज कब खुलेगा आगे देखिए जब तक आदम का पुतला बना गया इबलीस की मुनाफ़क़त नहीं खुलती है जैसे ही रूह को फूंकने के साथ सजदा मे चले जाने का हुक्म फरिश्तों को दिया गया सभी फ़रिश्ते सिर्फ इबलीस को छोड़कर सजदे मे चले गए और इस इनकार का अंजाम शैतान को फटकार और लानत के रूप मे तोहफा मिला । अब इबलीस मुनाफिक से सीधा काफिर हो गया । एक बात और तौहीद वालों के लिए इबलीस तौहीद का इनका...

शरणार्थी

शरणार्थी /पनाह्गुज़िन /refugee जो मुसिबतज़दा अपने मुल्क से पनाह लेने के लिये दूसरे मुल्क पहुंचते है मगर दूसरे मुल्कवाला अगर उस्के religion का न हुवा तो क्या फ़र्क़ पड़ता है जानिये, तिब्बत शरणार्थी और रोहिन्ग्या शरणार्थी तिब्बती शरणार्थी बौध धर्म से है और indian government one china की policy को recognise करती है इसका मतलब तिब्बत china का अभिन्न अंग है इसके बाद तिब्बती शरणार्थी को वापस भेजने की बात नहीं होती ,u.n. o. me india signatory होने के नाते पनाह्गुज़िन को रखने के लिए बाध्य है इसके बाद ये देखते है किस तरह बद्नाम किया जाता है दूसरी ओर afghanistan के शरणार्थी को देखा जो pakistan और iran मे 20 -20ॣ लाख शरणार्थी को पनाह दी ,syria के शरणार्थी को तुर्की ने शरण दी मगर european countries ने अपने darwaze कैसे बन्द किया था सब जान्ते है, फिलिस्तीनी शरणार्थी को देखा जो jordan ,syria और lebnon मे शरण लिया ,bangldesh ने rohinngaya शरणार्थी को पनाह दी, धर्म और mazhab का क्या फ़र्क़ padta है मुसीबतज़दा लोगों पर इसके बारे me सोच सकते हैं अगर फ़िक़्र की सलाहियत है

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