Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

जजो की फ़टकार

जजो को पुलिस अधिकारीयो व पुलिसकर्मी को फ़टकार लगाते सैकड़ों बार देखा गया है कभी किसी पुलिस अधिकारी पर सख्त action लेते नही दिखा जबकि पुलिस अधिकारी व कर्मी कानून के जानकार है और उनके द्वारा किया गया कार्य सिर्फ़ और सिर्फ़ निजि लाभ के लिये या सत्ता के द्वारा promotion की लालच मे किया जाता है कानून के साथ खेले जाने वाले अपराध के लिये सिर्फ़ और सिर्फ़ फ़टकार और लगातार फ़टकार न्याय के साथ मज़ाक है और अपराध पर सज़ा देने के बजाय उसको फ़टकार देना उसको अपराध को करने के लिये प्रोत्साहन देना है और जनता के गुस्से रोष को ठंडा करने का प्रयास है और न्यायालय की गरिमा को बढ़ाना है|

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