Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

मुसलमानों पर सवाल

इसका जवाब है जब तुम पैदा होते जो तो जो तुम्हारे बाल होते हैं नाखून होते है क्यों काटते हो क्यों मुंडन संस्कार करते हो जैसा ईश्वर ने भेजा वै
सा क्यों नहीं बने रही बात अल्हम्दो लिल्लाह तामाम प्रशंसा अल्लाह के लिए है जो समस्त दुनिया का रब है दीन के दिन का मालिक है अर्थात् क़यामत के बाद जब समस्त मनुष्यो का हिसाब ले गा हम उससे मदद मांग ते है शैतान से मदद नही चाहते, सीधे और सुदृढ मार्ग पर कायम रखे, गलत और खराब मार्ग से दूर रखना उनके रास्ते पर जिन पर तूने इनाम अता किया उनके मार्ग पर नहीं जिन पर तेरा ग़ज़ब आया

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