Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

सरकार की मंशा

<अखलाक हो तस्लीम हो या अन्य कोई हो जिनकी मॉब लिचिंग की गई हो सरकार का काम अपराधियों को सज़ा दिलाना है इस केस में सरकार बनाम अपराधी मुकदमा चलता है सरकार ने अखलाक के केस में उच्च न्यायालय में केस को वापसी लेने के लिए अपील की। इस अपील के बाद लोगों के मन में सरकार की मंशा को लेकर सवाल पैदा होने लगे। 1. क्या सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है? 2. क्या भारतीय जनता पार्टी की सिस्टर संस्थाएं ने गैंग के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया है? 3. क्या मॉब लिनचीग़ में मुसलमानों के क़त्ल में भारतीय जनता पार्टी की सिस्टर संस्थाएं ही टार्गेटिंग किलिंग कर रही 4. क्या भारतीय जनता पार्टी अपराधियों के संरक्षण में खुलकर सामने आ गई है। 5. क्या सरकार अपील करने के बाद खामोश रहेगी या सबूतों और गवाहों से छेड़छाड़ या नाजायज दबाव नहीं बनाएगी पहले प्रश्न का जवाब है कि सरकार अपराधियों के साथ खुलकर सामने आ गई है इससे पहले भी बिल्किश बानो के अपराधियों की हौसला अफज़ाई की गई जयंत सिन्हा ने अपराधियों के जमानत पर उनका माल्यार्पण किया उससे साबित है कि अपराधियों को संरक्षण भारतीय जनता पार्टी लगातार देती आ रही है। ज्यादातर मुस्लिम मॉब lynching और चर्चों पर हो रहे हमलों पर बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद आर एस एस के लोगो का हाथ सामने आ रहा है और सरकार उनको सज़ा दिलाने के बजाय उनको संरक्षण पुलिस और अन्य संस्थाओं द्वारा दिया जा रहा। मुस्लिमों को टार्गेट किलिंग की जा रही है और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराधियों को पनिश करने के स्थान पर राज्य की मंशा को देखते हुए अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। सरकार ने अखलाक के केस को वापस लेने के लिए अपील की अपील तो ख़ारिज हो गई लेकिन सरकार की मंशा अपराधियों को बचाने की सामने आने के बाद क्या सरकार खामोश रहेगी या सरकार अपराधियों को बचाने के लिए नया पैतरा अपनाएगी और नया पैतरा होगा सबूत को अदालत तक न पहुंचने देना गवाहों को गवाही न देने देना इस तरह भी अपराधियों की मदद की जा सकती है एक और सवाल उठता है वो यह है कि अपील खारिज होने के बाद अन्य मॉब lynching के अपराधियों को बचाने के नए पैतरे उपरोक्त में से कोई एक या सभी हो सकते है ऐसी आशंकाएं सभी मुस्लिम व्यक्त कर रहे हैं।/i>

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