Ahmad Rizvi

हस्बुनाह किताबउल्लाह

अल्लाह के नबी रहमतुल आलमीन सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम का इरशाद है “ इन्नी तायरतुन फ़ीस सक़लैन किताबउल्लाह और इतरती” मै दो वज़नी चीज़े छोड़ जाता हूँ अल्लाह की किताब और इतरत अगर इन दोनों को थामे रहोगे तो गुमराह नहीं होगे, मगर उस दौर में भी ऐसे व्यक्ति थे जो रिसालत माब सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की मुखालफत करने की ज़ुर्रत रखते थे और उन्होंने मुखालफत की जबकि अल्लाह के नबी सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम की एताअत वाजिब है जिसने भी यह कहा है “हस्बुनाह किताबउल्लाह” मेरे लिए अल्लाह की किताब काफी है , क्या यह कहना दुरूस्त है जबकि रसूलउल्लाह सलल्लाहो अलैह व आले वसल्लम ने अल्लाह की किताब “कुरान मजीद “ और अपनी इतरत को थामने या मज़बूती से पकड़ने का हुक्म दिया है आगे देखते है कि हस्बुन्नाह किताबउल्लाह क्या किताब अल्लाह को बगैर इतरत के समझा जा सकता है अगर हाँ , तो कितना , अगर नहीं तो कितना ? अलिफ़ लाम मीम (सुरे बकरा, सुरे आले इमरान) अलिफ़ लाम मीम स्वाद (सुरे आराफ़) अलिफ़ लाम रा (सुरे युनुस, हूद, इब्राहीम, हज्र) काफ हा या   ऐन स्वाद (सूरे मरियम) ताहा (सूरे ताहा ) ता सीन मीम (सूरे शोरा) ता सीन (सूरे नम्ल) त...

भारतीयों का मानसिक विभाजन

भारतीयों का मानसिक विभाजन इण्डिया मे लोग विभाजित हो गये है यह विभाजन कई प्रकार के है :- 1. समान नागरिक संहिता को बनाने मे होने वाले कानून के विरोध और समर्थन मे मानसिक विभाजन हो चुका है । 2. धर्मांतरण के मुद्दे के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 3. हिजाब को लागू करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 4. सामूहिक रूप से मुस्लिमों ईसाई के कत्ल के समर्थन और उसके विरोध मे । 5. मुस्लिम नामों के हटाने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 6. सविधान के अनुच्छेद 370 हटाने के पक्ष मे और विरोध मे । 7. नमाज़ पढ़ने और उसका विरोध करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 8. कुर्बानी को रोकने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 9. F.C.R.A. को अक्लीयतों (अल्पसंख्यक/मनॉरटी) को निर्गत न करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 10. मुस्लिमों को आरक्षण देने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 11. सामाजिक न्याय की बात करने को तुष्टीकरण (appeasement) का नाम देने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 12. पुरानी पेंशन के लागू करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 13. बजरंग दल , विश्व हिन्दू परिषद ,शिव सेना ,क्षत्रिय सेना , आरएसएस और अन्य संगठनों के आतंकवादियों के द्वारा गाय ,बैल के transporation पर झूठा गौ हत्या का इल्ज़ाम लगा कर मुस्लिमों का कत्ल करने पर पक्ष और विरोध मे खड़े होना । 14. बलात्कारियों के धर्म अगर हिन्दू है तो उसके समर्थन मे हिन्दू संगठनों द्वारा रैली करना और उसके विरोध मे भी लोगों का उठ खड़ा होना । 15. आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट के पक्ष मे और जिन लोगों पर कानून थोपा जाता है उनके द्वारा विरोध करना । 16. मस्जिदों और गिरजाघरों के तोड़ फोड़ आग लगाने के पक्ष और विरोध मे । 17. खालिस्तान के समर्थन और उसके विरोध मे । 18. बिना जांच और बिना न्याय के मुस्लिमों के स्कूल कालेज और मकान के तोड़ने इस अन्याय के पक्ष मे और विरोध मे । 19. टीपू सुल्तान के पक्ष मे और विरोध मे । 20. रमज़ान माह के अफतार कराने के political parties के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 21. फारूख डार को सेना की जीप के आगे बांधने और उस बेगुनाह की जान को खतरे मे डालने और इस घोर मानवाधिकार उलघन के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 22. संविधान मे अल्पसंख्यकों के संरक्षणों को खत्म करने के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 23. गुजरात मुस्लिम नरसंहार के दौरान बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार के बाद माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दंडित किए गए “दोषसिद्ध अपराधियों “ को गुजरात सरकार के द्वारा राज्यक्षमा प्रदान किया जाना इस राज्यक्षमा के पक्ष मे और विरोध मे । 24. National record of citizen (NRC) के पक्ष और विरोध मे । 25. नागरिक संशोधन act मे मुसलमानों को छोड़कर सभी अन्य धर्मों को नागरिकता प्रदान करने के अधिनियम के पक्ष मे और उसके विरोध मे । 26. जम्मू और कश्मीर के विभाजन करके उसे जम्मू और कश्मीर और लद्दाख संघीय प्रदेश के बनाने पर इसके समर्थन और इसके विरोध मे । 27. Worship ACT 1991 के बाद भी मुस्लिम मस्जिदों के तोड़ने उन्हे विवादित बनाने की साजिश करने और उसके भूभाग को अवैध तरीके से कब्जा करने के विरोध और पक्ष मे । और बहूत सारे मुद्दे है जिसमे भारतीयों का मतभेद मनभेद की ओर बढ़ता चला जा रहा है जो देश और देश के नागरिकों के लिए अशुभ है।

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