Ahmad Rizvi

मौलूद –ए- काबा

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                    अल्लाह रब्बूल इज्जत ने साबिक अम्बिया और रसूल पर जो वाकयात या घटनाए हुई है उसके आने वाले समय मे उसका पैगाम देना है इबरत करना है नसीहत करना हिदायत देना है फ़ज़ीलत बताना है । जब हज़रत ईसा की पैदाइश का समय आया आपकी वालिदा जनाब बीबी मरीयम बैतुल मुक़द्दस के अन्दर रहती थी उस वक़्त अल्लाह सुभान व तआला ने बीबी मरियम को हुक्म दिया कि बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दो यह इबादत का घर है जच्चा खाना नहीं है । आप बीबी मरियम ने बैतुल मुक़द्दस को खाली कर दिया । यहाँ पर सवाल उठता है कि 123998 अंबिया से अफजल हज़रत ईसा और उनकी माता बीबी मरियम दोनों पाक है दोनों फ़ज़ीलत रखते है हज़रत ईसा रसूल भी है । अल्लाह जुलजलाल वल इकराम का हर कारनामा हिकमत से भरा होता है । मौला अली की पैदाइश खाना – ए - काबा के अन्दर हुई थी आपकी वालिदा मुक़द्दस जनाबे फातिमा बिन्ते असद जब खाना - ए - काबा मे दाखिल हुई तो द...

ईरान मे प्रदर्शन

भाई साहब ईरान मे होने वाले प्रदर्शन का क्या हश्र होगा जहाँ तक मेरी राय है वही हश्र होगा जैसा फ़िलहाल आई एस आई एस के साथ ईरान ने किया और अगर ये हश्र समझ मे न आये तो आयतुल्लाह खुमैनी ने जो हश्र रज़ा शाह पहलवी और उसके अमले का किया था वही होगा और अगर ये भी समझ मे न आये तो अमेरिका के ग्लोबल हाक़ जैसे drone को ईरान के द्वारा मार गिराने के बाद भी अमेरिका ने कुछ नही किया और क़ासिम सुलेमानी के क़त्लेआम के बाद ईरान ने इराक़ मे अमेरिकी अड्डे पर हमले के बाद भी ईरान पर कोई जवाबी कार्यवाही नही की क्यों कि अमेरिका को पता है कि ये बिक्ने वाले लोग नही है अमेरिकीयो का क़त्ल करने को तैयार हैं ये अफ़्गानिस्तान इराक़ और पाकिस्तान नही है ईरान मे आक्रमण करने के बाद जो लाशे ले जाओगे वो अलग हमेशा की खूनी दुश्मनी सदियों तक रहेगी, अब जो अमेरिका के धोखे मे आ गए उन मे 14000 लोगो को सज़ा ए मौत की तलवार लटक रही हैं

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