Ahmad Rizvi

शाह नेअमत उल्लाह वली की भविष्य वाणी

 शाह नेअमत उल्लाह वली जो सातवें इमाम मूसा काज़िम सलातो वस सलाम की नस्ल से है जिनका ताल्लुक ईरान से है उन्होंने आने वाले हालात के बारे में लगभग 800 साल पहले बता दिया था और आपकी सभी भविष्य वाणी अक्षरश: सही साबित हुई आपने 800 साल पहले चींटियों और टिड्डियों से हमले के बारे में बताया था चींटी और टिड्डी दोनों झुंड में हमला करती है दूसरी बात 800 सालों में ऐसी कोई ईजाद नहीं हुई जो अब हो चुकी है अब छोटे छोटे रोबोट और ड्रोन आ गए अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने कितना पहले लोगो को बता दिया और जिन चीज़ों का वजूद भी नहीं उनके बारे में भी बताया दिया गौर करने की ज़रूरत है

Sure Hamd ke fazail, सूरे हम्द के फज़ाएल,

. मजमाउल बयान की टिप्पणी में यह बताया गया है कि प्यारे पैगंबर (सल्ललाहो अलैह बसल्लम) ने इरशाद फरमाया कि; जो कोई भी इस सूरह की तिलाबत करता है, उसे पूरे कुरान के दो तिहाई (2/3) पढ़ने का सवाब मिलेगा, और उसे दुनिया के तमाम मोमिन मर्दों और औरतों को जो सदका देने पर जो सवाब मिलता है उसके बराबर, इस सूरह फातिहा की तिलावत करने पर सवाब मिलेगा। 2. प्यारे पैगंबर (सल्ललाहो अलैह बसल्लम) ने एक बार जाबिर बिन अब्दुल्ला अंसारी से पूछा, "क्या मुझे आपको एक सूरह सिखाना चाहिए जिसकी पूरे कुरान में कोई अन्य बराबरी नहीं है?" जाबिर ने जबाब दिया, "हाँ, और अल्लाह के प्यारे नबी (सल्ललाहो अलैह बसल्लम), मेरे बालिदैन आप पर फिदया दे सकते हैं।" तो अल्लाह के प्यारे नबी (सल्ललाहो अलैह बसल्लम) ने उन्हें सूरह अल-फातिहा सिखाया। फिर अल्लाह के प्यारे नबी (सल्ललाहो अलैह बसल्लम) ने पूछा, "जाबिर, क्या मैं आपको इस सूरह के बारे में कुछ बताऊं?" जाबिर ने जबाब दिया, "हाँ, और अल्लाह के प्यारे नबी (सल्ललाहो अलैह बसल्लम), मेरे बालिदैन आप पर फिदया दे सकते हैं।" अल्लाह के प्यारे नबी (सल्ललाहो अलैह बसल्लम) ने कहा, "यह (सूरह अल-फातिहा) मौत को छोड़कर हर बीमारी का इलाज है।" 3. सूरह फातिहा की नमाज़ में बहुत बड़ी फ़ज़ीलत है, अगर सूरह फातिहा नही पढ़ी जाए तो नमाज़ अधूरी रहती है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दावत-ए-ज़ुल अशिरा व गदीर -ए- खुम

इंजील मे इमाम हुसैन का ज़िक्र

मौला अली साबिक अम्बिया से अफज़ल है